
Alzheimer patients at higher risk of severe Covid-19, study finds
एक नया शोध बताता है कि कोविड-19 होने पर अल्जाइमर के मरीजों को ज्यादा खतरा हो सकता है। इस शोध में पाया गया कि अल्जाइमर के मरीजों में नाक की कोशिकाओं में कुछ बदलाव होते हैं, जो SARS-CoV-2 वायरस को फैलने में मदद कर सकते हैं।
आपको याद होगा, कोविड-19 में अक्सर नाक बंद हो जाती है और सूंघने की शक्ति कम हो जाती है। अल्जाइमर के मरीजों में भी नाक सूंघने की शक्ति कम होती है।
शोधकर्ताओं ने इसीलिए नाक की कोशिकाओं का अध्ययन किया कि यह समझ सकें कि कोविड-19 और अल्जाइमर का आपस में क्या संबंध है। उन्होंने पाया कि हालांकि स्वस्थ लोगों और अल्जाइमर के मरीजों की कोशिकाएं वायरस से उतनी ही आसानी से संक्रमित होती हैं, लेकिन संक्रमण के बाद मरीजों की कोशिकाओं में कुछ बदलाव होते हैं।
अल्जाइमर के मरीजों की कोशिकाओं में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ जाता है, इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया अलग होती है, और सूंघने से जुड़े जीनों में भी बदलाव आते हैं। ये बदलाव शायद यही कारण हैं कि अल्जाइमर के मरीजों को कोविड-19 होने पर ज्यादा खतरा होता है।
शोधकर्ताओं को उम्मीद थी कि अल्जाइमर रोग से ग्रस्त लोगों के कोशिकाओं पर वायरस का हमला ज्यादा आसानी से होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि, जब वायरस ने कोशिकाओं को संक्रमित किया, तो अल्जाइमर रोग से ग्रस्त लोगों के कोशिकाओं में जीन की गतिविधि अलग तरह की पाई गई। इन कोशिकाओं में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा हुआ था, प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया अलग थी और सूंघने की क्षमता से जुड़े जीनों में भी काफी बदलाव देखे गए।
यह शोध इस बात की ओर इशारा करता है कि अल्जाइमर रोग से ग्रस्त लोगों को कोविड-19 का ज्यादा खतरा हो सकता है, क्योंकि उनकी सूंघने की क्षमता से जुड़े कोशिकाओं में पहले से ही सूजन होती है।
यह शोध भविष्य में अल्जाइमर के मरीजों के लिए बेहतर उपचार खोजने में मदद कर सकता है।
कुछ महत्वपूर्ण बातें:
अल्जाइमर के मरीजों को कोविड-19 होने पर ज्यादा खतरा हो सकता है।
नाक की कोशिकाओं में बदलाव इस खतरे का कारण हो सकते हैं।
शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि यह खोज भविष्य में बेहतर उपचार खोजने में मदद करेगी।
Published on:
18 Dec 2023 10:41 am
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