
इन रोगों में कारगर है खुशबूदार कलौंजी का तेल
आमतौर पर हर प्रकार के अचार में कलौंजी अहम सामग्री के रूप में प्रयोग होती है। इसके बीज औषधि के अलावा मसाले, सौंदर्य प्रसाधन और खुशबू के रूप में भी प्रयोग होते हैं। इसका स्वाद तीखा, हल्का कड़वा और गंध तेज होती है। जानते है इसके इस्तेमाल के अलावा इस दौरान सावधानी के बारे में-
पोषक तत्त्व : विटामिन, आयरन, सोडियम, पोटेशिम, कैल्शियम, अमीनो एसिड, कच्चा फाइबर, प्रोटीन व फैटी एसिड से युक्त है कलौंजी। थॉमोक्विनोन, थिएमोहिड्रोक्विनोन व थेयनोल जैसे नैचुरल तत्त्व इसमें प्रचुर हैं।
इस्तेमाल : कलौंजी के बीज साबुत प्रयोग में लेने के अलावा चूर्ण अन्य जड़ीबूटी और सामग्री के साथ भी प्रयोग में लिया जाता है। इसका तेल भी खाने के अलावा शरीर पर बाहरी रूप से मालिश करने में उपयोगी है। इसकी आधी चम्मच पर्याप्त है।
ये हैं फायदे : डायबिटीज में ब्लड शुगर के स्तर के अलावा वजन कंट्रोल करने, सिरदर्द व जोड़ों में दर्द कम करने, बालों व दांतों की चमक के साथ याद्दाश्त और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कलौंजी उपयोगी है। इसका तेल गंजापन दूर करता है।
सावधानी : कुछ लोगों को कलौंजी को छूने से भी दिक्कत हो सकती है। जो त्वचा पर लाल धब्बे के रूप में उभरती है। इसमें खुजली भी हो सकती है। ऐसे में जिनकी त्वचा संवेदनशील हो वे इसे छूने में सावधानी बरतें। सीमित मात्रा से ज्यादा खाने पर ब्लड प्रेशर अचानक से बेहद कम हो सकता है।
Published on:
23 Feb 2020 02:03 pm
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