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एस्पिरिन: बुजुर्गों में एनीमिया का खतरा 20% तक बढ़ सकता है

जर्नल एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, जो बुजुर्ग रोज एस्प्रिन लेते हैं तो उनमें सामान्य बुुजुर्गों की तुलना मेंं एनीमिया होने की आशंंका 20 प्रतिशत अधिक होती है।

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Aspirin increases risk of anemia by 20% in the elderly

जर्नल एनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, जो बुजुर्ग रोज एस्प्रिन लेते हैं तो उनमें सामान्य बुुजुर्गों की तुलना मेंं एनीमिया होने की आशंंका 20 प्रतिशत अधिक होती है। जब किसी व्यक्ति में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कम हो जाती है उसको ही एनीमिया कहते हैं। खून का काम शरीर में ऊतकों तक ऑक्सीजन ले जाना होता है। एनीमिया से पीडि़त लोग अक्सर थकान और सांस फूलने जैसा महसूस करते हैं। ज्यादा खून की कमी होने से कई अन्य तरह की समस्याएं भी होती हैं।

जो बुजुर्ग अपनी बीमारियों में नियमित रूप से डॉक्टरी सलाह से एस्प्रिन ले रहे हैं उन्हें हर दो-तीन महीने पर अपने रुटीन टेस्ट के साथ हीमोग्लोबिन की भी जांच करवानी चाहिए ताकि दूसरी समस्याओं से बचाव किया जा सके।

इस शोध में 19,114 लोग शामिल थे, जिनमें से अधिकांश 70 या उससे अधिक उम्र के थे। जिन्हें एनीमिया नहीं था और आम तौर पर स्वस्थ थे। उन्हें लगभग पांच वर्षों तक प्रतिदिन 100 मिलीग्राम एस्प्रिन दिया गया था। उस समय, प्रतिभागियों के रक्त परीक्षण से हीमोग्लोबिन और फेरिटिन का स्तर चेक किया गया था। नियमित जांच में पाया गया कि जो लोग एस्प्रिन ले रहे हैं उनमेें खून तेजी से कम हो रहा है। शोधकर्ताओं ने एनीमिया के बढ़ते खतरे को आयरन की कमी को कारण माना है। 100 मिलीग्राम या उससे कम की एस्प्रिन को कम खुराक माना जाता है, 75 मिलीग्राम ओवर-द-काउंटर भी मिल जाता है।

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क्या कहते हैं एक्सपर्ट
एस्प्रिन का सबसे बड़ा साइड इफेक्ट यही है कि नियमित लेने वाले मरीजों के आंतों मेंं अल्सर हो जाता है। धीरे-धीरे खून का स्राव होता है। कई ऐसी बीमारियां हैंं जैसे कि हार्ट या ब्रेन स्ट्रोक की बीमारी कुछ महिलाओं से जुड़ी बीमारियां और हाई रिस्क डायबिटीज या फिर हाई रिस्क हाइपरटेंशन में एस्प्रिन की निर्धारित मात्रा खून पतला करने के लिए दी जाती है ताकि खून का थक्का न बने और गंभीर समस्या न हो। लेकिन कुछ लोग बीमारी न हो इसके लिए बिना डॉक्टरी सलाह के खुद भी लेते हैं। उनमें इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैंं।
- डॉ. गौरव सिंघल, वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ, ईएसआई मॉडल हॉस्पिटल, जयपुर


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