सूर्योदय से 50 मिनट पहले उठने से तन और मन स्वस्थ

सेहततंत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए हजारों साल पहले आयुर्वेद के विशेषज्ञों ने दिनचर्या के सिद्धांत बनाए थे जिनकी अनदेखी से कई तरह के रोग हो रहे हैं। जानते हैं कैसी हो हमारी दिनचर्या-

By: Hemant Pandey

Published: 10 Feb 2020, 06:24 PM IST

दिनचर्या में पहले ब्रह्म मुहूर्त में उठने के लिए कहा जाता है। यह समय सूर्योदय से 96 मिनट पहले शुरू होता और 48 मिनट पहले ही खत्म हो जाता है। इसलिए सूर्योदय से ५० मिनट पहले ही उठें। जगने पर इसी समय ही पिट्यटरी ग्लैंड से ऐसे हार्मोन बनते हैं जिससे उत्साह, ऊर्जा, मेघा, स्फूर्ति बढ़ती है। नेचर कॉल (नित्य कर्म) प्रक्रिया स्वत: होती है।
उषापान- सुबह उठते ही पानी पीएं, जिसको उषापान कहते हैं क्योंकि रात के खाने के ७-८ घंटे बाद तक शरीर को पानी नहीं मिलता है। इसे हाइड्रेट रखना जरूरी होता है। पानी उतना ही पीएं जितना पी सकें। इसके कई लाभ हंै। इससे पाचन सही रहता और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है।
व्यायाम और ध्यान- रोजाना ३० मिनट योग-ध्यान जरूर करें। व्यायाम से मांसपेशियों में मजबूती और इम्युनिटी बढ़ती है। ध्यान लगाने से मन शांत रहता है। एकाग्रता बढ़ती है। ध्यान रखें कि किसी एक अंग के लिए व्यायाम नहीं करना चाहिए। संपूर्ण विकास नहीं होता है।
अभ्यंग- मालिश (अभ्यंग) व्यायाम से पहले करना चाहिए। तेल मौसम के अनुसार चुनें। पैरों, सिर और सभी प्रमुख अंग जैसे नाक, कान, नाभि पर तेल जरूर लगाएं। नाक में तेल लगाने से एलर्जी साइनस, राइनाइटिस से बचाव होता, श्वसन तंत्र भी सही रहता है।
खानपान- आयुर्वेद में दो मुख्य भोजन और एक अल्पाहार का उल्लेेख है। पहला भोजन सुबह १० बजे से पहले और दूसरा देर शाम ६-७ बजे से पहले करना चाहिए। अगर रात के खाने में देरी हो रही है तो दोपहर के बाद नाश्ता कर सकते हैं। डाइट में घी को जरूर शामिल करें। खाने के बाद छाछ और रात में सोने से पहले गुनगुना दूध जरूर पीएं।
मौसमी व स्थानीय चीजें ही खाएंं- डाइट में मौसमी और स्थानीय फल-सब्जियां ही खाएं। विदेशी फल-सब्जियों से बीमारी की आशंका रहती है। भोजन में छह रस मीठा, नमकीन, खट्टा, तीखा, कड़वा और कसैला को भी शामिल करें। कसैला में करेला, जामुन, मेंथी आदि का उपयोग न करने से मधुमेह आदि की आशंका बढ़ जाती है।
दिन में सोने से बचें - नींद और सोने का समय भी दिनचर्या पर असर डालती है। वयस्कों को रोजाना ७-८ घंटे की नींद जरूरी है। स्वस्थ व्यक्ति दिन में सोने से बचें। खाने के बाद तो बिल्कुल ही सोना नहीं चाहिए। घरेलू महिलाओं में कम खाने के बाद भी मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, पीसीओडी की समस्या इसलिए होती है कि वे दोपहर में लंच के बाद सोती हैं। रात में जल्द सो जाना चाहिए।
डॉ. कमलेश शर्मा, वरिष्ठ आयुर्वेद विशेषज्ञ, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर

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