
बीन्स का प्रयोग रुमेटिक, आर्थराइटिस और यूरिनरी ट्रैक्ट से जुड़ी समस्या की दवा बनाने के लिए होता है।
हरी सब्जियां सेहत के लिए फायदेमंद होती हैं। बीन्स का प्रयोग रुमेटिक, आर्थराइटिस और यूरिनरी ट्रैक्ट से जुड़ी समस्या की दवा बनाने के लिए होता है। इसमें मौजूद फाइबर व पानी शरीर को कई गंभीर रोगों से बचाते हैं। इसमें फ्लेवोनॉएड्स व क्यूरेस्टिन हैं जो कैंसर कोशिकाओं को बढऩे से रोकते हैं। हफ्ते में ३-४ बार भोजन में इसे खाने से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की आशंका घट सकती है। गर्भावस्था में बीन्स खाने से गर्भस्थ शिशु के हृदय का विकास होता है और उसे अस्थमा से बचाने में भी यह सहायक है।
मूड ऑफ हो तो अपनाएं ये थैरेपी
कई बार ना चाहते हुए भी व्यक्ति का मूड ऑफ होता है। इससे स्वभाव चिड़चिड़ा होने के साथ बात करने की इच्छा नहीं होती। अपनाएं कुछ खास थैरेपी-
ऑटो सजेशन थैरेपी में वर्तमान के बारे में सोचते हुए खुद से कहें, 'जो होगा देखा जाएगा यार, ये जिंदगी मस्त रहनी चाहिए। टच थैरेपी में जादू की झप्पी यानी किसी प्रिय के गले लगें या उसके हाथों को स्पर्श करें। इससे तनाव दूर होगा। थैरेप्यूटिक गैजेट्स में गाने सुनने वाले गैजेट्स के प्रयोग से सुकून मिलता है।
हरी बीन्स खाने के फायदे:
हरी बीन्स में कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो डायबिटीज को बढऩे से रोकते हैं. इसमें पर्याप्त मात्रा में डायट्री फाइबर्स और कार्बोहाइड्रेट्स पाए जाते हैं. मधुमेह के मरीजों के लिए इसे आदर्श सब्जी माना जाता है।बीन्स में कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों के क्षरण को रोकता है. इसके अलावा इसमें मौजूद विटामिन ए, के और सिलिकॉन भी हड्डियों के लिए फायदेमंद होते हैं. इन पोषक तत्वों की कमी होने पर हड्डियां कमजोर हो जाती हैं।हरी बीन्स में पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जिससे इम्यून सिस्टम बेहतर बनता है. ये कोशिकाओं की क्षति को ठीक करके नई कोशिकाओं के बनने को प्रोत्साहित करता है।हरी बीन्स में कैरोटीनॉएड्स मौजूद होते हैं जो आंखों के अंदरूनी हिस्से के तनाव को कम करने का काम करते हैं. इसके अलावा इसमें मौजूद कई तरह के लवणों से आंखों की रोशनी भी बेहतर बनती है।
हर रोज हरी बीन्स के सेवन से एक खास किस्म के कोलोन कैंसर के होने का खतरा कम हो जाता है। फ्लेवेनॉएड्स की मौजूदगी की वजह से बीन्स दिल के लिए भी काफी फायदेमंद होते हैं. इनके नियमित सेवन से दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा कम हो जाता है. साथ ही ये खून का थक्का नहीं जमने देते। बीन्स के नियमित सेवन से पेट भी स्वस्थ रहता है. इनके सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं होने का खतरा कम हो जाता है और गैस, कब्ज और मरोड़ की परेशानी नहीं होती है।
Published on:
01 Oct 2017 02:17 pm
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