
Beauty Parlor Stroke Syndrome
Beauty Parlor Stroke Syndrome: कई बार हेयर वॉश या ट्रीटमेंट के बाद महिलाएं ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो जाती हैं। हेयरड्रेसर के पास जाकर बालों की देखभाल करवाना और शैंपू करवाना अक्सर आरामदायक और सुकून देने वाला अनुभव होता है लेकिन ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम (Beauty Parlor Stroke Syndrome) कुछ लोगों के लिए खतरे में बदल सकता है। अगर आप अपने बालों के साथ कुछ ऐसा करवा रहे हैं जिसके लिए पीछे की तरफ झुकना पड़ता है तो यह ब्रेन स्ट्रोक का शिकार बना सकती है। ऐसे में जानते हैं इसके लक्षण क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
बीपीएसएस की समस्या तब होती है जब ब्यूटी पार्लर में बाल धोते समय गर्दन और सिर को गलत तरीके से टिकाया जाता है। सैलून में बैकवॉश बेसिन पर सिर टिकाकर बाल धोएं जाते हैं ओर जब ऐसा किया जाता है तो सिर और गर्दन को एक विशेष एंगल पर घूम जाती है जिसके कारण ब्रेन में खून की आपूर्ति करने वाली धमनियां दब सकती है। ऐसे में स्ट्रोक (Beauty Parlor Stroke Syndrome) का खतरा हो सकता है।
बीपीएसएस के लक्षण (Symptoms of Beauty Parlor Stroke Syndrome) होने पर इसे पहचान पाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन कुछ लक्षण ऐसे है जिनसे आप इसे पहचान सकते हैं। जैसे सिरदर्द होना, चक्कर आना या धुंधली दृष्टि होना, मतली और उल्टी, गर्दन में दर्द, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी या लकवा, बेहोशी या कमजोरी महसूस करना आदि लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
1993 में अमेरिकी न्यूरोलॉजिस्ट माइकल वेनट्रॉब ने इस समस्या की पहचान की। इसमें बाल धोने के लिए उपयोग किए जाने वाले वॉशबेसिन के किनारे पर गर्दन को लंबे समय तक झुकाने या पीछे की ओर खींचने से स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है।
बीपीएसएस (Beauty Parlor Stroke Syndrome) की समस्या 50 साल से अधिक इंसानों या पहले से रक्त वाहिकाओं की समस्या या फिर रीढ़ की हड्डी की समस्याएं होती है। स्ट्रोक की समस्या जब ज्यादा बढ़ जाती है तब मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह अचानक कम हो जाता है। यह देखा गया है कि यह समस्या तब ज्यादा देखने को मिली है जब रक्त वाहिकाओं के फटने या ब्लॉकेज हुआ है। ऐसा होने पर मस्तिष्क की कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
23 Jan 2025 08:18 am
Published on:
22 Jan 2025 03:42 pm
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