
Brain Eating Amoeba Can India be the next victim Learn the ways to protect yourself now
Brain Eating Amoeba : प्राथमिक अमीबिक मेनिंजियोएन्सेफलाइटिस (PAM) एक दुर्लभ लेकिन अत्यधिक घातक बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर 72.7% है। यह बीमारी नेग्लेरिया फाउलरी नामक अमीबा के कारण होती है, जिसे आमतौर पर "मस्तिष्क खाने वाला अमीबा" कहा जाता है। यह गर्म ताजे पानी के स्रोतों जैसे झीलों, नदियों और ठीक से क्लोरीनयुक्त न किए गए स्विमिंग पूल में पाया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों के अनुसार, PAM के अधिकतर मामले गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में पाए गए हैं।
भारत में उष्णकटिबंधीय जलवायु और प्रचुर ताजे पानी के स्रोत होने के कारण, PAM का खतरा बढ़ता जा रहा है।
PAM के शुरुआती लक्षण सामान्य होते हैं, जिससे इसका समय पर पता लगाना मुश्किल हो जाता है:
जब नेग्लेरिया फाउलरी नाक से प्रवेश करता है, तो यह घ्राण तंत्रिका के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुंचता है। यह मस्तिष्क के ऊतकों को नष्ट करता है और गंभीर सूजन उत्पन्न करता है।
PAM का सबसे अधिक खतरा उन लोगों को होता है जो गर्म ताजे पानी में गतिविधियां करते हैं।
PAM का जल्दी निदान करना कठिन है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण अन्य बीमारियों जैसे वायरल मेनिंजाइटिस से मिलते-जुलते हैं।
PAM से बचाव के लिए जागरूकता और रोकथाम बेहद जरूरी है।
मस्तिष्क खाने वाला अमीबा नेग्लेरिया फाउलरी दुर्लभ है लेकिन अत्यधिक घातक है। समय पर बचाव के उपाय और जागरूकता बढ़ाकर इस खतरे को टाला जा सकता है।
Updated on:
14 Jan 2025 11:04 am
Published on:
14 Jan 2025 11:04 am
