
ब्रेन फॉग से जुड़ी समस्याओं को दर्शाती प्रतीकात्मक तस्वीर (photo- chatgtp)
Brain Fog Symptoms: आजकल कई युवा शिकायत करते हैं कि उनका दिमाग ठीक से काम नहीं कर रहा। पढ़ाई या काम में ध्यान नहीं लगता, छोटी-छोटी बातें भूलने लगते हैं, हर समय थकान महसूस होती है और दिमाग खाली-खाली सा लगता है। ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी कॉलेज हॉस्पिटल ( यूसीएच ) लंदन की एक रिपोर्ट में बताया गया कि इस स्थिति को आम भाषा में ब्रेन फॉग कहा जाता है।
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. शुभम गुप्ता ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि यह कोई अलग बीमारी नहीं है, बल्कि कई मानसिक और शारीरिक समस्याओं का संकेत हो सकता है। खासकर युवा पीढ़ी और नौकरी करने वाले युवाओं में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है।
ब्रेन फॉग का मतलब है दिमाग का सुस्त महसूस होना। इसमें व्यक्ति को ध्यान लगाने में परेशानी, बार-बार चीजें भूलना, सोचने-समझने में समय लगना, मानसिक थकान महसूस होना, काम में मन न लगना जैसी समस्याएं होने लगती हैं।
डॉ. गुप्ता बताते हैं कि नौकरी का दबाव, पढ़ाई, भविष्य की चिंता और सोशल मीडिया पर खुद की तुलना करना युवाओं में तनाव बढ़ा रहा है। लगातार तनाव रहने से दिमाग पर असर पड़ता है और ध्यान कमजोर होने लगता है।
रातभर मोबाइल चलाना, वेब सीरीज देखना और देर रात तक जागना आजकल आम हो गया है। लेकिन कम नींद दिमाग को आराम नहीं करने देती। इससे याददाश्त और एकाग्रता पर असर पड़ता है।
दिनभर फोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया पर रहने से दिमाग लगातार सक्रिय रहता है। बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन और छोटे वीडियो देखने की आदत ध्यान लगाने की क्षमता को कम कर सकती है।
जंक फूड, ज्यादा कैफीन, मीठे पेय और खाना छोड़ने की आदत भी ब्रेन फॉग की वजह बन सकती है। शरीर में विटामिन बी12, विटामिन डी और आयरन की कमी होने पर भी दिमाग कमजोर महसूस करने लगता है।
शरीर में पानी की कमी होने से भी थकान, सिर भारी लगना और ध्यान कम होना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
डॉ. गुप्ता के अनुसार कुछ आसान आदतें ब्रेन फॉग को कम करने में मदद कर सकती हैं:
अगर लंबे समय तक भूलने की समस्या, ध्यान न लगना, लगातार थकान या मानसिक तनाव बना रहे, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। कई बार यह तनाव, अवसाद या दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।
ब्रेन फॉग पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। सही नींद, अच्छा खानपान और तनाव कम रखना दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
19 May 2026 04:37 pm
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