दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की डॉ. प्रज्ञा शुक्ला ने आउटलुक के साथ बातचीत में बताया कि नतीजे शुरुआती तौर पर अच्छे लग रहे हैं, लेकिन यह एक पर्सनलाइज्ड वैक्सीन है जिसे हर मरीज के लिए अलग से तैयार करना होगा। जब तक बड़े स्तर पर ट्रायल नहीं होते और डेटा सामने नहीं आता, इसे लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।