
Chandipura Virus
Chandipura Virus : कोविड-19 के बाद भारत में चांदीपुरा वायरस (Chandipura Virus) अपना कहर दिखा रहा है। इस वायरस से मरने वालों की संख्या अब तक 15 हो गई है। WHO ने चेतावनी जारी कर इसे 20 वर्षों का सबसे भयावह बताया है। चंदीपुरा वायरस एक तरह का रोगाणु है जो खासकर मानसून के मौसम में भारत के पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी इलाकों में बच्चों में तीव्र मस्तिष्क ज्वाला सिंड्रोम पैदा कर सकता है। यह वायरस के फैलेन का कारण सैंड फ्लाई और टिक्स जैसे रोगवाहक है।
WHO ने इस वायरस को लेकर कहा कि जल्दी इलाज और मरीजों की अच्छी देखभाल से बचने की संभावना बढ़ सकती है। उन्होंने ये भी बताया कि खासकर 15 साल से कम उम्र के बच्चों में तेज बुखार और दिमाग से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। ऐसे इलाकों में जांच पड़ताल बढ़ाने चाहिए जहां ये बीमारी ज्यादा फैलने का खतरा है।
अभी तक चांदीपुरा वायरस के लिए कोई विशिष्ट टीका या एंटीवायरल उपचार नहीं है। मृत्यु दर को रोकने के लिए, प्रारंभिक पहचान, अस्पताल में भर्ती और लक्षणात्मक देखभाल महत्वपूर्ण है।
चांदीपुरा वायरस (Chandipura Virus) एक अर्बोवायरस है जो रैबडोविरिडे परिवार में वेसिकुलोवायरस जीनस से संबंधित है। यह पहली बार 1965 में महाराष्ट्र के चांदीपुरा गांव में खोजा गया था और यह फ्लेबोटोमाइन सैंडफ्लाई, मच्छरों और टिक्स जैसे वैक्टर के माध्यम से फैलता है। यह वायरस आमतौर पर मानसून के समय अधिक सक्रिय रहता है।
चांदीपुरा वायरस (Chandipura Virus) से संक्रमित होने पर कई तरह के लक्षण दिखाई देते हैं वे कुछ इस प्रकार है —
मरीज़ अक्सर गंभीर सिरदर्द की शिकायत करते हैं।
अचानक तेज बुखार आना।
बार-बार उल्टी आना
कभी-कभी, वायरस के कारण कोमा और दुर्लभ मामलों में मृत्यु भी हो सकती है।
मरीजों को दौरे या आक्षेप आ सकते हैं।
मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, शरीर को ढककर रखें और कीटनाशक का प्रयोग करें।
अपने आसपास के क्षेत्र को साफ रखें और पानी जमा न होने दें।
हमेशा साफ और उबला हुआ पानी पिएं।
अगर आपको बुखार या अन्य कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
Published on:
29 Aug 2024 05:28 pm
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