क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम में हमेशा होती थकान, याददाश्त पर भी पड़ता है असर

क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम (सीएफएस) में मरीज को हमेशा थकान महसूस होती है। इसमें शारीरिक और मानसिक थकान अलग-अलग हो सकती है। कई बार ये दोनों स्थितियां एकसाथ हो सकती हैं।

By: Hemant Pandey

Published: 10 May 2020, 07:14 PM IST

क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम (सीएफएस) में मरीज को हमेशा थकान महसूस होती है। इसमें शारीरिक और मानसिक थकान अलग-अलग हो सकती है। कई बार ये दोनों स्थितियां एकसाथ हो सकती हैं। लंबे समय तक शारीरिक थकावट रहे तो वह मानसिक थकान का कारण भी बनती है। इसे ही क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम कहते हैं। अगर यह स्थिति लंबे समय तक रहती है तो मेमोरी यानी याददाश्त पर भी इसका असर पड़ता है।
कारण :
खराब लाइफ स्टाइल के अलावा कुछ बीमारियां जैसे एनीमिया, थायरॉयड, डायबिटीज, फेफड़े और हृदय रोग हो सकते हैं। डिलीवरी के बाद महिलाओं में ऐसी समस्या होती है। तनाव, दु:ख, नशा करना, चिंता, निराशा और पर्याप्त ंनींद न लेना भी कारण हो सकता है।
लक्षण
मांसपेशियों में दर्द, हमेशा उदासी, कुछ नया करने का मन नहीं करना, दिन में आलस्य रहना, ज्यादा नींद आना, नए काम पर ध्यान नहीं लगा पाना, कुछ सीखने में परेशानी होना, पेट संबंधी परेशानी जैसे पेट में सूजन, दर्द, दस्त या कब्ज की समस्या, सिर दर्द, चिड़चिड़ापन या धुंधला दिखाई देना आदि।
इलाज
हल्की थकान होने पर मरीज की डाइट और लाइफ स्टाइल सही करने की सलाह दी जाती है। ज्यादा समस्या होने पर एंटीडिप्रेसेंट और नींद की गोलियोंं के साथ कुछ थैरेपी भी दी जाती है। जिन्हें लगातार थकान महसूस होती है, उन्हें डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
अधिक या कम वजन भी कारण
कई बार अधिक वजन भी कारण बन जाता है। अधिक वजन से जोड़ों और मांसपेशियों पर अधिक दबाव पड़ता है। वहीं कम वजन वाले व्यक्ति भी जल्दी थक जाते हैं। इससे बचाव के लिए बैलेंस डाइट के साथ वजन को नियंत्रित रखना जरूरी है। वजन कम है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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