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हीट स्ट्रोक के मरीजों को ठंडे पानी से नहलाने पर मिलती है राहत

सवाल-तेज बुखार के साथ थकान, बेहोशी छाने जैसा और चिड़चिड़ापन महसूस हो रहा है। इसके लिए क्या करें? अनेक पाठक

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हीट स्ट्रोक के मरीजों को ठंडे पानी से नहलाने पर मिलती है राहत

हीट स्ट्रोक के मरीजों को ठंडे पानी से नहलाने पर मिलती है राहत

सवाल -मेरी उम्र 55 वर्ष है और दस वर्ष से डायबिटीज है। अभी शरीर पर पस वाली फुंसियां निकाल आई हैं। क्या करें? एक पाठक
जवाब-गर्मी में पसीने से फुंसियां ज्यादा निकलती हंै, लेकिन डायबिटीज के मरीजों में यह परेशानी अधिक होती है। पस वाली फुंसियों से दिक्कत हो सकती है। डायबिटीज कंट्रोल रखें। खानपान में परहेज और नियमित व्यायाम करें। इसके साथ ही हाइजीन का ध्यान रखें। नहाते समय शरीर को अच्छे से रगड़ें ताकि पसीने के कारण बंद नलियां खुल जाएं और फुंसियां निकलना बंद हो जाएं। अगर पस ज्यादा है तो अपने डॉक्टर को दिखाकर इलाज लें। लापरवाही से बुखार भी आ सकता है। फुंसियां बड़ी हो सकती हैं।
सवाल-तेज बुखार के साथ थकान, बेहोशी छाने जैसा और चिड़चिड़ापन महसूस हो रहा है। इसके लिए क्या करें? अनेक पाठक
जवाब-तेज बुखार, चिड़चिड़ापन और बेहोशी छाने जैसे लक्षण हीट स्ट्रोक (लू) के होते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और बीपी के रोगियों को इसका खतरा अधिक रहता है। धूप से बचाव करें। खूब पानी पीएं। हल्के कपड़े पहनें। अगर हीट स्ट्रोक का रोगी है तो उसको ठंडे पानी से नहलाएं। तुरंत राहत मिलती है। ऐसे मरीजों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। हीट स्ट्रोक का असर हृदय, फेफड़ों और दिमाग पर भी हो सकता है। ज्यादा समस्या है तो डॉक्टर को दिखाएं।
डॉ. विनय सोनी और डॉ. पुनीत रिझवानी, सीनियर फिजिशियन