नॉर्मल डिलीवरी के लिए रोज पिएं 10-12 गिलास पानी और ïघर के हल्के काम करें

प्रेग्नेंसी में अधिकतर महिलाएं चाहती हैं कि उनकी नॉर्मल डिलीवरी ही हो क्योंकि इसके कई फायदे भी हैं। वहीं सर्जरी में न केवल चीरा लगता है बल्कि बाद में भी कई तरह की दिक्कतें खासकर कमर में दर्द आदि भी रहता है।

By: Hemant Pandey

Published: 24 Oct 2020, 08:22 PM IST

प्रेग्नेंसी में अधिकतर महिलाएं चाहती हैं कि उनकी नॉर्मल डिलीवरी ही हो क्योंकि इसके कई फायदे भी हैं। वहीं सर्जरी में न केवल चीरा लगता है बल्कि बाद में भी कई तरह की दिक्कतें खासकर कमर में दर्द आदि भी रहता है। ऐसे में कुछ तरीके हैं जिनका पालन कर नॉर्मल डिलीवरी की संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं।
नियमित योग और हल्के व्यायाम करते रहना फायदेमंद
प्रेग्नेंसी के दौरान हल्का व्यायाम और योग की सलाह दी जाती है। साथ ही घर के छोटे-छोटे व हल्के काम करते रहें। इससे महिला और गर्भस्थ शिशु, दोनों स्वस्थ रहते हैं। एक्सपर्ट की सलाह से रोज कम से कम 30 मिनट योग-व्यायाम करें।

तनाव वाले काम से बचें
गर्भावस्था में बहुत जरूरी है कि महिला खुश रहे। उसे किसी प्रकार तनाव न हो। मां की मानसिक स्थिति का सीधा असर गर्भस्थ शिशु के जन्म और डिलीवरी पर पड़ता भी है। पॉजेटिव रहें।
ग र्भ में शिशु एक थैली में रहता है। इस थैली को एमनियोटिक फ्लूड कहते हैं। इसी से बच्चे को ऊर्जा मिलती है। ऐसे में मां के लिए जरूरी है कि वह हर रोज 10-12 गिलास पानी पिएं। इससे थैली सूखती नहीं है। साथ ही आयरन और कैल्शियम लें। इससे भी सामान्य डिलीवरी में काफी मदद मिलती है।

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