
नियमित योग से हृदय की समस्या व लो बीपी से होता बचाव
सूर्य नमस्कार : सूर्य नमस्कार से ब्लड सर्कुलेशन बढिय़ा और हृदय रोगों का खतरा कम होता है। नियमित सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं के अभ्यास से फायदा मिलता है।
भुजंगासन : इसके लिए पेट के बल लेटकर दोनों हाथ छाती के पास रखें। सांस पर ध्यान केंद्रित करते हुए शरीर को ऊपर उठाएं। फिर सांस छोड़ते हुए सामान्य मुद्रा में आ जाएं।
पश्चिमोत्तासन : सीधे बैठकर दोनों पैरों को फैलाएं। हाथ ऊपर की ओर उठाएं। झुककर पैरों के अंगूठों को पकड़ें। योग करते हुए घुटने न मोड़ें। यह हृदय के लिए फायदेमंद है।
सर्वांगासन : पीठ के बल सीधा लेटकर पैरों को मिलाएं। हथेली जमीन से सटाकर रखें। सांस अन्दर भरते हुए हाथ-पैरों को 90 डिग्री तक उठाएं। पाचन, हृदय व रक्त शुद्धि होती है।
पदमासन : सीधे बैठकर गहरी सांस लेते हुए दाहिने घुटने को मोडक़र बाईं जांघ पर रख दें। यह प्रक्रिया दूसरे पैर के साथ भी करें। हाथों को घुटनों पर रखें। बीपी, तनाव में फायदा मिलेगा।
15 मिनट ध्यान : सीधे पीठ के बल लेट जाएं। आंखें बंद कर पैरों को फैलाकर घुटने, पंजे को आराम दें। हाथ सीधा रखें। हथेलियां आसमान की ओर फैलाएं। ध्यान शरीर के हर अंग पर ले जाएं। इसके बाद दाहिने पंजे, घुटने पर ध्यान ले जाएं। इसी तरह दाहिने पैर पर प्रक्रिया दोहराएं। इसके बाद सिर पर ध्यान ले जाएं।
Published on:
15 Nov 2020 06:30 pm
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