
जंक और फास्ट फूड में कई तरह के कैमिकल्स होते हैं। इसका असर शरीर के सभी अंगों के साथ दांतों पर पड़ता है। दांतों की ऊपरी परत इनेमल के नुकसान होने से सेंसिटिविटी की समस्या होती है।
रात में सोते समय दांतों के कटकटाना, पेंसिल, आलपिन या फिर बर्फ चबाना, तेजी से ब्रश करना, दिनभर खाते रहना और दांतों से नाखून चबाने से कई तरह की परेशानी होती है। दांतों के इनेमल और इससे जुड़ी हड्डियों को नुकसान होता है। स्वीमिंग पूल के पानी में मिले क्लोरीन से भी न केवल दांत पीले होते हैं बल्कि दांतों की ऊपरी हिस्सों को नुकसान होता है। इससे दांतों के अंदर मौजूद सॉफ्ट टिशूज में दर्द-चुभन होती है। दांतों में सेंसिटिविटी की समस्या हो सकती है।
कुछ लोग दिन में कई बार ब्रश करते या हार्ड ब्रश से दबाकर दांतों को साफ करते हैं जिससे वे कमजोर होते हैं। इनेमल को भी नुकसान पहुंचता।
अधिक मीठा और चिपकने वाली चीजें जैसे कैंडीज, चिप्स, क्रीम बिस्किट, जंक फूड आदि खाने से दांतों में सडऩ होती है। बच्चों को ये चीजें अधिक पसंद आती हैं। इसलिए उन्हें सप्ताह में एक बार ही खाने के लिए दें। खाने के बाद ब्रश करवा दें। सोडा या सॉफ्ट ड्रिंक्स पीते हैं तो तुरंत कुल्ला जरूर करें।
विटामिन सी और डी जरूरी
दांतों की हड्डियों के लिए विटामिन डी तो मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन सी जरूरी है। विटामिन सी के लिए खट्टे रसदार फल, हरी सब्जियां और डी के लिए डेयरी प्रोडक्ट अधिक मात्रा में लें। सुबह-शाम ब्रश जरूर करें। अपने मन से कोई दवा न लें। खाने के बाद कुल्ला करना न भूलें।
Published on:
15 Nov 2020 07:58 pm
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