
Diet Cold Drinks Trend Among Youth फोटो सोर्स – Freepik
Diet Cold Drink: आज की युवा की लाइफस्टाइल पहले से कहीं ज्यादा तेज, व्यस्त और स्ट्रेसफुलहो गई है। ऐसे में Gen Z यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा, अपनी डाइट और फिटनेस को लेकर सजग तो हैं, लेकिन साथ ही कुछ आदतों को लेकर भी, जो उनकी हेल्थ पर बुरा असर कर सकती हैं। ऐसा ही एक ट्रेंड है – डाइट कोल्ड ड्रिंक्स का बढ़ता चलन। बिना शुगर वाली यह ड्रिंक्स अब सिर्फ प्यास बुझाने का साधन नहीं रहीं, बल्कि कई युवाओं के लिए एक मूड बूस्टर या स्ट्रेस-बस्टर बन चुकी हैं। इसे अब कुछ लोग ‘फ्रिज सिगरेट’ तक कहने लगे हैं मतलब जब थकान हो, स्ट्रेस हो या दिमाग को एक छोटा ब्रेक चाहिए हो, तो वे एक ठंडी डाइट कोक की कैन खोल लेते हैं, ठीक वैसे ही जैसे कोई कॉफी या सिगरेट ब्रेक लेता है।
भारत में सॉफ्ट ड्रिंक का मार्केट काफी तेजी से बढ़ रहा है। 2022 में इस मार्केट का साइज करीब 18.25 अरब डॉलर था और यह 2017 से 2022 तक लगभग 19.8% की सालाना दर से बढ़ा। रिपोर्ट के मुताबिक 2027 तक यह बाजार 49.34 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इस तेजी का एक हिस्सा डाइट कोल्ड ड्रिंक्स की बढ़ती खपत भी है, खासकर युवा वर्ग में।
डाइट ड्रिंक्स में शुगर नहीं होती, जिससे यह लो-कैलोरी ड्रिंक बन जाती है। सुनने में यह हेल्दी विकल्प लगता है, लेकिन इसमें इस्तेमाल होने वाले आर्टिफिशियल स्वीटनर जैसे एस्पार्टेम और एसेसल्फेम पोटैशियम कई हेल्थ एक्सपर्ट्स की चिंता का कारण हैं। हालांकि WHO का कहना है कि शरीर के वजन के हिसाब से प्रति किलो 40 मिलीग्राम एस्पार्टेम तक की मात्रा सुरक्षित है, लेकिन इसका नियमित सेवन लंबे समय में मेटाबॉलिज्म, गट हेल्थ और हार्मोनल संतुलन को बिगाड़ सकता है।
अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज, मोटापा या इंसुलिन रेजिस्टेंस है, तो उसके लिए डाइट कोल्ड ड्रिंक्स एक बेहतर विकल्प हो सकता है लेकिन लिमिट में। हालांकि, गर्भवती महिलाएं, माइग्रेन के मरीज और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर से पीड़ित लोगों को इससे दूरी बनानी चाहिए। इसके अलावा, डाइट ड्रिंक्स गट माइक्रोबायोम को प्रभावित कर सकते हैं और शुगर क्रेविंग को बढ़ा सकते हैं।
डाइट ड्रिंक्स पीने से दिमाग में थोड़ी मात्रा में डोपामाइन रिलीज होता है, जो एक ‘गुड फीलिंग’ देता है। खासकर जब आप कैन खोलते हैं, बर्फ जैसी ठंडी फील आती है, तो यह अनुभव और भी ताजा लगता है। इस फीलिंग का प्रभाव निकोटीन या कैफीन जितना स्ट्रॉन्ग नहीं होता, लेकिन यह आदत धीरे-धीरे मेंटल पैटर्न का हिस्सा बन जाती है यानी असली एडिक्शन ड्रिंक से नहीं, उसे पीने की आदत से होता है।
अगर आप डाइट ड्रिंक्स को छोड़ना चाहते हैं, लेकिन उनके रिप्लेसमेंट की तलाश में हैं, तो ये हेल्दी ऑप्शन जरूर ट्राय करें।
-इन्फ्यूज्ड वॉटर (नींबू, खीरा, मिंट के साथ)
-कोकोनट वॉटर
-अनस्वीटेंड ग्रीन टी या हिबिस्कस टी
-फ्रेश लेमन शिंकजी विद रॉक सॉल्ट
-घरेलू छाछ या मट्ठा
Published on:
31 Jul 2025 04:32 pm
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