
Long COVID Symptoms (PHOTO- FREEPIK)
Long COVID Symptoms: कोविड-19 होने के बाद कई बार लोग महीनों तक अलग-अलग तरह की परेशानियां झेलते रहते हैं। इसे ही लॉन्ग कोविड (Long COVID) कहा जाता है। अगर कोरोना संक्रमण के कम से कम 3 महीने बाद भी लक्षण बने रहें, बार-बार उभरें या बिगड़ते-सुधरते रहें, तो यह लॉन्ग कोविड की स्थिति हो सकती है।
लॉन्ग कोविड किसी को भी हो सकता है, चाहे बच्चे हों या बड़े। यह ज्यादा उन लोगों में देखा गया है जिन्हें कोविड के दौरान गंभीर बीमारी हुई हो या अस्पताल में भर्ती होना पड़ा हो। लेकिन हल्की बीमारी वाले या बिना लक्षण वाले लोगों को भी ये परेशानी हो सकती है।
इस बीमारी के सबसे ज्यादा रिस्क महिलाएं, हिस्पैनिक और लैटिनो लोग, जिनको कोविड के समय ICU में रहना पड़ा, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग, जिन लोगों ने कोविड की वैक्सीन नहीं लगवाई हो।
लॉन्ग कोविड में एक ही तरह का लक्षण नहीं होता। अलग-अलग लोगों में अलग-अलग तकलीफें दिखाई देती हैं।
कुछ आम लक्षण हैं। लगातार थकान रहना, सांस लेने में तकलीफ, नींद की समस्या, सीने में दर्द या धड़कनें तेज होना, ध्यान और याददाश्त की दिक्कत, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, बार-बार सिरदर्द ये लक्षण हफ्तों-महीनों तक आते-जाते रहते हैं और कभी-कभी बहुत गंभीर भी हो सकते हैं।
कोविड से बचाव ही इसका सबसे अच्छा तरीका है। कोविड वैक्सीन समय पर लगवाएं। हाथ धोना, साफ-सफाई रखना और भीड़ में मास्क पहनना जरूरी है। आपको कमरे में हवा का अच्छा इंतजाम रखना होगा। सांस संबंधी बीमारी लगे तो तुरंत टेस्ट और इलाज करवाना चाहिए। रिसर्च से पता चला है कि वैक्सीन लगवाने से लॉन्ग कोविड का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
इसके लिए कोई स्पेशल टेस्ट नहीं है। डॉक्टर आपकी हेल्थ हिस्ट्री, कोविड टेस्ट/लक्षण और शारीरिक जांच देखकर तय करते हैं। कई बार ब्लड टेस्ट, एक्स-रे या ECG नॉर्मल आते हैं, फिर भी लॉन्ग कोविड हो सकता है। अगर आपको या आपके बच्चे को कोविड के बाद लंबे समय से ऐसी दिक्कतें हैं, तो डॉक्टर से मिलकर पर्सनल ट्रीटमेंट प्लान बनवाना जरूरी है।
लॉन्ग कोविड के लक्षण कई बार क्रॉनिक फटीग सिंड्रोम (CFS) जैसी बीमारियों से मिलते-जुलते हैं। इस वजह से कुछ मरीजों को सही इलाज मिलने में देर हो सकती है। इसलिए सही डायग्नोसिस और समझ बहुत जरूरी है। लॉन्ग कोविड आज भी एक बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम है। दुनिया भर में लाखों लोग इसकी वजह से परेशान हैं। बचाव के लिए सबसे जरूरी है वैक्सीन लगवाना, साफ-सफाई रखना और हेल्थ केयर प्रोवाइडर से जुड़े रहना।
Published on:
23 Sept 2025 12:55 pm
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