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Lifeline: सर्जिकल मास्क की सुरक्षा झिल्ली धुलने से गल जाती है

अक्सर लोग सर्जिकल मास्क को दोबारा या धुलकर इस्तेमाल में लेते हैं। ऐसा न करें। इसमें तीन परतें होती हैं। बीच में एक बहुत ही पतली लेयर होती है जो पानी के संपर्क में आने से गल जाती है।

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अक्सर लोग सर्जिकल मास्क को दोबारा या धुलकर इस्तेमाल में लेते हैं। ऐसा न करें। इसमें तीन परतें होती हैं। बीच में एक बहुत ही पतली लेयर होती है जो पानी के संपर्क में आने से गल जाती है। यहीं सुरक्षा झिल्ली है। जो लोग सर्जिकल मास्क को धुलकर बार-बार इस्तेमाल करते हैं। उससे सुरक्षा नहीं होगी। कुछ लोगों की आदत होती है कि बाहर से आने के बाद मास्क को उतारकर कहीं रख देते हैं। बाद में फिर उसको इस्तेमाल में ले लेते हैं। ऐसा न करें। सर्जिकल मास्क दोबारा न इस्तेमाल करें और धुलने वाला मास्क है तो एक बार लगाने के बाद उतारने पर पहले साबुन से धोएं। इसका धूप में सुखाएं और फिर इस्तेमाल में लें। सर्जिकल मास्क में साुबन लगाकर फेकें। वायरस नष्ट हो जाएंगे।
डॉ. तुहिना बनर्जी, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, बीएचयू, वाराणासी

Fact Check: त्रिलोक्यचिंतामणि रस से नहीं बढ़ती ऑक्सीजन
सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन बढ़ाने वाली एक औषधि का नाम तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट में लिखा गया है कि अगर कोरोना मरीज का ऑक्सीजन स्तर घट रहा है तो तत्काल त्रिलोक्यचिंतामणि रस की एक-एक गोली दिन में तीन बार दें। इससे ऑक्सीजन का स्तर सही हो जाएगा। आयुष मंत्रालय ने भी इस पोस्ट को गलत बताया है। मंत्रालय का कहना है कि अज्ञात स्रोत से पता किसी भी सूचना पर विश्वास न करें। यह जानलेवा हो सकता है।