
यदि घर में छोटा पपी है, तो आपको उसके टीकाकरण का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यह न सिर्फ उसे रोगों से बचाता है, बल्कि उसके काटने के संभावित संक्रमण आदि खतरों से दूसरे लोगों को भी बचाता है।
करीब 4 सप्ताह के बाद पपी को पहला डीपी वैक्सीन लगाया जाता है। इसमें केनाइन डिस्टेंपर वायरस और केनाइन पर्वो वायरस होते हैं।
छह हफ्ते पर नाइन-इन-वन वैक्सीन लगाया जाता है। इस एक वैक्सीन में नौ तरह की बीमारियों से बचाने की क्षमता होती है।
आठ हफ्ते की उम्र में डॉगी को कोरोना वैक्सीन लगाई जाती है। यह वैक्सीन पपी को केनाइन एडिनोवायरस टाइप-2 से बचाता है।
12वें सप्ताह के पपी को एंटीरैबीज वैक्सीन लगाया जाता है जो उसे रेबीज से बचाता है।
16वें सप्ताह के होने पर केनल कफ वैक्सीन दी जाती है।
इसके बाद पपी को समय-समय पर डिवार्मिंग डोज भी देनी चाहिए।
Published on:
21 Feb 2017 08:43 am
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