12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Drug Abuse Day: आपके लिए जानलेवा हो सकता है ड्रग्स का सेवन! घातक होते हैं इसके प्रभाव

ड्रग्स का सेवन आपके शरीर को अंदर से खोखला और बीमार कर सकता है। यह आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाता हैं। ड्रग्स के ओवरडोज से व्यक्ति की मौत भी हो सकती हैं। ड्रग्स आपके नर्वस सिस्टम को प्रभावित करते हैं।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Jyoti Kumar

Jun 26, 2023

drugs.jpg

ड्रग्स का सेवन आपके शरीर को अंदर से खोखला और बीमार कर सकता है। यह आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाता हैं। ड्रग्स के ओवरडोज से व्यक्ति की मौत भी हो सकती हैं। ड्रग्स आपके नर्वस सिस्टम को प्रभावित करते हैं।

यह भी पढ़ें-अगर पीरियड्स मिस हो जाएं तो उसे सामान्य बात न मानें, हो सकते हैं गंभीर कारण

रिसर्च में दावा
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन ड्रग एब्यूज (NIDA) की रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है कि ब्रेन स्टेम, लिम्बिक सिस्टम और सेरेब्रल कॉर्टेक्स सभी प्रभावित होते हैं। ब्रेन स्टेम आपके रोजाना जीवन के कार्यों को नियंत्रित करता हैं, जिसमें नींद, श्वास और हृदय गति शामिल है, जबकि लिम्बिक सिस्टम आपके ईमोशन को कंट्रोल करता हैं।

रिसर्च के अनुसार ड्रग्स का ज्यादा उपयोग आपके शरीर को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। उतना ही वे ब्रेन स्टेम और लिमबिक सिस्टम को प्रभावित करेंगे। यह आपको अडिक्शन या लत्त का शिकार बना सकते हैं।

यह भी पढ़ें- अगर आपके सांस नली में है सूजन, तो हो सकती है ये बीमारी, अटैक से बचाएगी सावधानी

ड्रग्स के दुष्प्रभाव
डोपामाइ
यह न्यूरोट्रांसमीटर मूड को नियंत्रित करता है। यह आनंद को बढ़ाता है, मूवमेंट, व्यवहार, प्रेरणा और ध्यान को मजबूत करने में शामिल है।

सेरोटोनिन
यह न्यूरोट्रांसमीटर मूड को स्थिर करने और भावनाओं को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार है।

गाबा-एमिनोब्यूट्रिक एसिड
GABA एक प्राकृतिक ट्रैंक्विलाइज़र के रूप में कार्य करता है, तनाव प्रतिक्रिया को कम करता है और चिंता के स्तर को कम करने के साथ-साथ सेंट्रल नर्वस सिस्टम के कार्यों को धीमा करता है।

यह भी पढ़ें-मोटापा बढ़ाता है खाने के बाद की गई ये गलती, कही आप भी तो नहीं करते ऐसा

नॉरपेनेफ्रिन
एड्रेनालाईन के समान, नॉरपेनेफ्रिन को अक्सर “तनाव हार्मोन” कहा जाता है, क्योंकि यह “फाइट-या-फ्लाइट” प्रतिक्रिया के जवाब में सेंट्रल नर्वस सिस्टम को प्रोत्साहन देता है। यह ऊर्जा के स्तर को बढ़ाते हुए फोकस और ध्यान भी रखता है।