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महामारी में तनाव-अवसाद से 25% बढ़ गए बीपी के रोगी

17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस है। कोरोना महामारी से उपजे डर और अवसाद से कम उम्र के लोगों में हाई ब्लड प्रेशर के साथ धडकऩें अनियमित होने की समस्या करीब 25% तक बढ़ी है।

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महामारी में तनाव-अवसाद से 25% बढ़ गए बीपी के रोगी

महामारी में तनाव-अवसाद से 25% बढ़ गए बीपी के रोगी

17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस है। कोरोना महामारी से उपजे डर और अवसाद से कम उम्र के लोगों में हाई ब्लड प्रेशर के साथ धडकऩें अनियमित होने की समस्या करीब 25% तक बढ़ी है। वहीं कोरोना से रिकवर 35-40% लोगों में हाइपरटेंशन के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। जानिए एक्सपर्ट की राय-
युवाओं में इसलिए बढ़ रहा है हाइपरटेंशन
कोविड से हो रही मृत्यु की खबरों से हर उम्र के लोगों में चिंता और तनाव बढ़ रहा है। इससे 30-50 वर्ष के युवाओं में भी दिक्कत देखने को मिल रही है, जिन्हें पहले कोई परेशानी न थी। उनमें नींद न आने, घर में बंद रहने से व्यायाम न कर पाना, खानपान का बिगडऩा, तनाव के चलते मीठा और तला-भुना व चिकनाई वाली चीजें ज्यादा खाना, मन में भय की आशंका और आर्थिक नुकसान आदि से लोगों में अवसाद बढ़ा है। इसके चलते जिन्हें पहले कभी ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं थी उनमें बीपी हो रहा है। जांच में उनकी धडकऩें भी बढ़ी मिल रही हंै।
स्टेरॉइड भी वजह
स्टेरॉइड शरीर की इम्युनिटी कम कर कोरोना वायरस को रोकता है लेकिन इससे शरीर में पानी और सोडियम का संचय होने लगता है। ज्यादा स्टेरॉइड लेने के बाद रोगियों के चेहरे पर सूजन आ जाती है। शरीर में नमक जमा होने से बीपी भी बढ़ जाता है।
कोरोना रोगियों में एंजाइम से असर

शरीर में एक खास एंजाइम होता है जिसे एसीई-2 (एंजियोटेंसिन कन्वर्टिंग एंजाइम) कहते हैं। यह मुख्य रूप से फेफड़ों, हृदय, किडनी एवं पाचन तंत्र की बाहरी झिल्लियों में मिलता है। इसका काम खून की नलियों को आराम पहुंचाना व उनमें सूजन को रोकना है। कोविड वायरस इसकी सक्रियता को रोक देता है। जब यह एंजाइम काम नहीं करता है तो खून की नसों में तनाव और सूजन की समस्या होती है। इससे मरीज में ब्लड प्रेशर की समस्या होने लगती है। गंभीर रोगियों में यह अधिक हो रहा है।
ऐसे करें बचाव
वजन नियंत्रित रखें। वजन बढऩे से बीपी की दिक्कत होती है।
रोज 30 मिनट व्यायाम कर 4-9 mm Hg तक बीपी घटाया जा सकता है।
मोटे अनाज, हरी सब्जियां ज्यादा खाएं। डाइट से 14 mm Hg तक बीपी कंट्रोल कर सकते हैं। तली -भुनी या मीठी चीजों से बचें।
जो लोग स्वस्थ हैं वे रोज 5 ग्राम से कम और जिन्हें बीपी है वे दो ग्राम ही नमक खाएं। इससे 4-8 mm Hg तक बीपी कम किया जा सकता है।
निेगेटिव बातों से दूर रहें। रुचि का काम करें। कोई नशा न करें।