
कान के मैल से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को दर्शाती सांकेतिक छवि (Photo- chatgtp)
Ear Wax Health Signs: अक्सर लोग कान में जमा होने वाले मैल (Ear Wax) को गंदगी समझते हैं और उसे तुरंत साफ करने की कोशिश करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कान का मैल वास्तव में शरीर की एक प्राकृतिक सुरक्षा परत है? क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) की हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, कान का मैल कानों को धूल, बैक्टीरिया, फंगस और अन्य बाहरी कणों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कान का मैल कान की ग्रंथियों द्वारा बनाया जाता है। यह कान के अंदर की त्वचा को नम रखने और संक्रमण से बचाने में मदद करता है। आमतौर पर शरीर खुद ही पुराने मैल को बाहर निकाल देता है, इसलिए ज्यादातर लोगों को कान साफ करने की जरूरत भी नहीं पड़ती।
ईएनटी (ENT) सर्जन डॉ. अश्वथ कासलीवाल के अनुसार हल्के पीले, भूरे या गहरे भूरे रंग का मैल सामान्य माना जाता है। इसकी मात्रा और रंग व्यक्ति की उम्र, त्वचा और शरीर की बनावट के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। अगर मैल के कारण कोई परेशानी नहीं हो रही है, तो इसे सामान्य माना जाता है।
हालांकि हर तरह के कान का मैल चिंता की बात नहीं होता, लेकिन कुछ बदलाव स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। अगर कान से बदबू आने लगे, दर्द हो, सुनाई कम देने लगे या मैल के साथ पानी, मवाद या खून निकलने लगे, तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है। इसके अलावा अगर बार-बार कान बंद महसूस हो या चक्कर आने लगें, तो भी डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।
कई लोगों के कान में मैल सामान्य से ज्यादा बनने लगता है या बाहर निकलने के बजाय अंदर ही जमा हो जाता है। ऐसी स्थिति में कान बंद महसूस हो सकता है, सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, कान में आवाज (रिंगिंग) आ सकती है या चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है।
डॉ. अश्वथ कासलीवाल के अनुसार, कान में कॉटन बड्स, हेयरपिन या अन्य नुकीली चीजें डालकर सफाई करना नुकसानदायक हो सकता है। इससे मैल और अंदर चला जाता है और कान के पर्दे को भी नुकसान पहुंच सकता है।
अगर आपको कान में दर्द, सुनने में कमी, लगातार खुजली, बदबूदार डिस्चार्ज, चक्कर या बार-बार मैल जमा होने की समस्या हो रही है, तो ENT विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर सुरक्षित तरीके से कान का मैल निकाल सकते हैं और संक्रमण जैसी समस्याओं की जांच कर सकते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
03 Jun 2026 05:01 pm
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