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हड्डियों को तोड़ने वाला रोग, महिलाओं पर ज्यादा खतरा!

बीजिंग: एक लंबे समय के अध्ययन में पाया गया है कि समय से पहले रजोनिवृत्ति (45 साल से पहले), हार्मोनल उपचार लेना और 4 या उससे अधिक बच्चों को जन्म देना महिलाओं में रुमेटाइड गठिया के खतरे को बढ़ा सकते हैं। चीन के अनहुई मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने यह खोज की है।

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Early Menopause Arthritis Risk Soars Saving Women

Early Menopause Arthritis Risk Soars Saving Women

हॉर्मोनल और प्रजनन कारकों का रूमेटाइड आर्थराइटिस से जुड़ाव, शोध में खुलासा
बीजिंग: महिलाओं में रूमेटाइड आर्थराइटिस (सूजन से जोड़ों का दर्द) का खतरा पुरुषों से कहीं ज्यादा होता है। हाल ही में हुए एक अध्ययन ने खुलासा किया है कि 45 साल से पहले रजोनिवृत्ति, हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) लेना और 4 या ज्यादा बच्चों का होना इस रोग के खतरे को बढ़ा देता है।

महिलाओं पर ज्यादा असर :

अध्ययन के मुताबिक, 50 साल से कम उम्र में रूमेटाइड आर्थराइटिस होने का खतरा पुरुषों की तुलना में महिलाओं में 4-5 गुना ज्यादा होता है। 60 से 70 साल की उम्र के बीच यह खतरा दोगुना हो जाता है।
अध्ययन में पाया गया कि इस रोग का महिलाओं के शरीर पर पुरुषों की तुलना में ज्यादा शारीरिक प्रभाव पड़ता है।

शोध में क्या मिला? :

चीन की अनहुई मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 2 लाख 23 हजार से ज्यादा महिलाओं पर 12 साल का लंबा अध्ययन किया।
इस दौरान 3313 (1.5%) महिलाओं में रूमेटाइड आर्थराइटिस पाया गया।
अध्ययन में पता चला कि जीवनशैली, सामाजिक और आर्थिक स्थिति, जातीयता और वजन (बीएमआई) जैसे कारकों को ध्यान में रखते हुए भी कुछ हॉर्मोनल और प्रजनन कारकों का रोग के खतरे से सीधा संबंध है।

खतरे बढ़ाने वाले कारक :

- 14 साल की उम्र के बाद माहवारी शुरू होना (13 साल की तुलना में 17% ज्यादा खतरा)।
- 45 साल से पहले रजोनिवृत्ति (50-51 साल की तुलना में 46% ज्यादा खतरा)।
- 33 साल से कम का प्रजनन काल (माहवारी शुरू होने से रजोनिवृत्ति तक का समय)।
- 4 या ज्यादा बच्चों का होना (2 बच्चों की तुलना में 18% ज्यादा खतरा)।
- गर्भाशय निकालना (40% ज्यादा खतरा)।
- एक या दोनों अंडाशयों को निकालना (21% ज्यादा खतरा)।
- एचआरटी लेना (46% ज्यादा खतरा)।

क्या है निष्कर्ष?

शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अध्ययन के निष्कर्ष बहुत महत्वपूर्ण हैं और इनके आधार पर महिलाओं में रूमेटाइड आर्थराइटिस के खतरे को कम करने के लिए नए उपाय विकसित किए जा सकते हैं।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस रोग से पीड़ित महिलाओं में हॉर्मोनल और प्रजनन कारकों का सावधानी से मूल्यांकन किया जाना चाहिए।

ध्यान देने योग्य बातें :

यह अध्ययन केवल अवलोकन पर आधारित है, इसलिए परिणामों को अंतिम सत्य मानना सही नहीं है।
और अधिक शोध की जरूरत है ताकि इन निष्कर्षों की पुष्टि की जा सके।