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Food Poisoning Symptoms: लखनऊ में 150 भेड़ों की रहस्यमयी मौत! डॉक्टर से जानिए बासी खाना इंसानों के लिए खतरनाक है या नहीं

Food Poisoning Symptoms: लखनऊ के मड़ियांव इलाके में राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास भेड़ों की अचानक और रहस्यमयी मौत ने सिर्फ पशु स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि इंसानी सेहत को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब तक आधिकारिक तौर पर 71 भेड़ों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 70 भेड़ें […]

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भारत

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Dimple Yadav

Dec 30, 2025

Food Poisoning Symptoms

Food Poisoning Symptoms (photo- gemini ai)

Food Poisoning Symptoms: लखनऊ के मड़ियांव इलाके में राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास भेड़ों की अचानक और रहस्यमयी मौत ने सिर्फ पशु स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि इंसानी सेहत को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब तक आधिकारिक तौर पर 71 भेड़ों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 70 भेड़ें बीमार बताई जा रही हैं। पशुपालकों का दावा है कि यह आंकड़ा 150 तक पहुंच सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और प्रति मृत भेड़ 10,000 रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।

पूरा मामला क्या है?

भेड़ मालिकों का आरोप है कि 25 दिसंबर को एक बड़े कार्यक्रम के बाद बचा हुआ खाना खुले मैदान में फेंक दिया गया, जिसे भेड़ों ने खा लिया। इसके कुछ ही समय बाद भेड़ों में उल्टी-दस्त, बेचैनी, कमजोरी और अचानक गिरने जैसे लक्षण दिखे और फिर एक-एक कर मौत होने लगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार के मुताबिक शुरुआती संकेत जहरीले पदार्थ या फूड पॉइजनिंग की ओर इशारा करते हैं, हालांकि असली कारण पोस्टमार्टम और लैब जांच के बाद ही साफ होगा।

डॉक्टर क्या कहते हैं: बासी खाना इंसानों के लिए कितना खतरनाक?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बासी, सड़ा या खुले में रखा भोजन सिर्फ जानवरों के लिए नहीं, इंसानों के लिए भी बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसे खाने में सैल्मोनेला, ई.कोलाई, क्लॉस्ट्रिडियम जैसे बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। ये बैक्टीरिया फूड पॉइजनिंग, तेज बुखार, उल्टी-दस्त, पेट में ऐंठन, डिहाइड्रेशन और गंभीर मामलों में लिवर व किडनी पर असर तक डाल सकते हैं।

डॉक्टर बताते हैं कि अगर भोजन लंबे समय तक खुले में रहा हो, उस पर मक्खियां बैठी हों या वह नमी-गर्मी में पड़ा हो, तो उसमें टॉक्सिन बन जाते हैं। इन्हें दोबारा गरम करने से भी हमेशा खत्म नहीं किया जा सकता। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग, बच्चे और बुजुर्ग ऐसे खाने से जल्दी बीमार पड़ सकते हैं।

इंसानों तक खतरा कैसे पहुंच सकता है?

यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि बीमार या मृत पशुओं से रोगाणु आसपास के पानी, मिट्टी और हवा को दूषित कर सकते हैं। इससे ज़ूनोटिक बीमारियों (जो जानवरों से इंसानों में फैलती हैं) का खतरा बढ़ जाता है। खुले में पड़े शव संक्रमण फैलाने, दुर्गंध और मक्खियों, आवारा जानवरों के जरिए बीमारी फैलाने का कारण बन सकते हैं। तो आइए डॉक्टर बाबूलाल सैनी से जानते हैं कि बासी खाना इंसानों के लिए कितना खतरनाक हो सकता है और कौन-कौन से खानें को बासी नहीं खाना चाहिए।

बासी खाना इंसानों के लिए बेहद खतरनाक

डॉक्टर बाबूलाल सैनी के अनुसार, बासी खाना इंसानों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है, खासकर तब जब वह खाना पकने के बाद लंबे समय तक खुले में रखा गया हो या सही तापमान पर स्टोर न किया गया हो। डॉक्टर बताते हैं कि पका हुआ खाना जल्दी खराब होता है क्योंकि उसमें नमी और गर्मी की वजह से बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। ऐसे भोजन में सैल्मोनेला, ई.कोलाई और क्लॉस्ट्रिडियम जैसे हानिकारक जीवाणु पैदा हो सकते हैं, जो फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट में तेज दर्द, बुखार और गंभीर मामलों में लिवर व किडनी तक को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कई बार खाना देखने या सूंघने में ठीक लगता है, लेकिन उसमें मौजूद टॉक्सिन शरीर को अंदर से नुकसान पहुंचा सकते हैं।

इन चीजों को कभी ना खाएं बासी

डॉक्टर बाबूलाल सैनी खासतौर पर चेतावनी देते हैं कि पका हुआ चावल, दालें (मूंग, चना, राजमा, मसूर), दही, पकी हुई सब्ज़ी, पालक, मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां, कटे हुए फल, अंकुरित दाल, उबले अंडे, मछली, चिकन और मांस, चावल से बनी चीज़ें (फ्राइड राइस, पुलाव), ग्रेवी वाली सब्जी, मशरूम और स्ट्रीट फूड (जैसे चाट, पानी पूरी) को बासी हालत में कभी नहीं खाना चाहिए। इन चीजों में बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं और दोबारा गरम करने से भी हर बार ये पूरी तरह खत्म नहीं होते। डॉक्टर का कहना है कि सेहत के साथ समझौता करने से बेहतर है कि खाना ताजा खाएं या सही तरीके से स्टोर करें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही गंभीर बीमारी की वजह बन सकती है।