
Sugar limits in packaged food
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) से जुड़े राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) ने पहली बार पैकेटबंद खाने-पीने की चीजों में चीनी की मात्रा कम करने की सिफारिश की है। इससे बाजार में मिलने वाले ब्रांडेड कोल्ड ड्रिंक्स, जूस, बिस्कुट, आइसक्रीम और सीरियल जैसे उत्पादों पर असर पड़ सकता है।
अखबारों की रिपोर्ट के मुताबिक पैकेज्ड फूड कंपनियां इस मसले पर 10 दिनों के अंदर ICMR और NIN को अपना पक्ष रखेंगी. इन कंपनियों का कहना है कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं दी गई और ये नियम लागू करना मुश्किल होगा।
यह खबर ऐसे वक्त आई है जब हाल ही में नेस्ले के सरेलैक और बॉनविटा जैसे प्रोडक्ट्स में अतिरिक्त चीनी मिलाने की बात सामने आई थी।
स्विट्जरलैंड की एक जांच संस्था ने बताया था कि नेस्ले अपने नीडो फॉलोअप मिल्क फॉर्मूला (1 साल से ऊपर के बच्चों के लिए) और सरेलैक (6 महीने से 2 साल के बच्चों के लिए) में सुक्रोज या शहद के रूप में अतिरिक्त चीनी मिलाती है। वहीं दिसंबर 2023 में सोशल मीडिया पर इंफ्लुएंसर रेवंत हिमात्सिंका द्वारा शुरू की गई आलोचना के बाद कैडबरी ने अपने Bournvita प्रोडक्ट में चीनी की मात्रा को 14.4 प्रतिशत कम कर दिया था।
Published on:
28 May 2024 02:41 pm
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