
जीवनसाथी को खुश रखने से बढ़ते हैं हैप्पी हार्मोन और उम्र
रिसर्च -1
लंबी उम्र चाहते हैं तो जीवनसाथी को खुश रखें। साइकोलॉजिकल साइंस पत्रिका में प्रकाशित यह अध्ययन नीदरलैंड की टिलबुर्ग यूनिवर्सिटी में किया गया है। अमरीका में 50 वर्ष के 4400 दंपतियों पर किया गया। शुरू के आठ साल बाद करीब 16त्न प्रतिभागियों की मृत्यु हो गई। जिनकी मृत्यु हुई वे जिंदा प्रतिभागियों की तुलना में कम शिक्षित, कम अमीर, शारीरिक रूप से कम सक्रिय व खराब स्वास्थ्य वाले थे। वे जीवित प्रतिभागियों की तुलना में दाम्पत्य जीवन में भी कम संतुष्ट थे और उनके जीवनसाथी भी जीवन से कम संतुष्ट थे।
रिसर्च -2
खुश रहने वाले व्यक्ति का हृदय सामान्य लोगों की अपेक्षा ज्यादा स्वस्थ रहता है। यह अध्ययन 50 से 74 वर्ष के 2873 महिलाओं-पुरुषों पर यूनिवर्सिर्टी कॉलेज ऑफ लंदन में किया गया। उनमें कॉर्टिसोल हॉर्मोन की मात्रा कम पायी गई। सी-रिएक्टिव प्रोटीन व इंटरल्यूकिन- 6 की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा पायी गई।
एक्सपर्ट कमेंट : शरीर में फ्री रेडिकल्स नहीं जमा होते
हम जिसके करीब सबसे ज्यादा रहते हैं उसका मन-मस्तिष्क पर ज्यादा असर पड़ता है। खुश रहने से उसकी पॉजिटिव वाइब्स की वजह से दूसरे पार्टनर में सिरोटोनिन हार्मोन का स्राव बढ़ता है। इससे उसे भी खुशी मिलती है। साथ ही खुशी से शरीर में फ्री रेडिकल्स जमा नहीं होते हैं। कोशिकाएं लंबे समय तक सक्रिय रहती हैं। उनमें तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कार्टिसोल की मात्रा काफी कम पायी जाती है। इससे उसमें स्वस्थ, व दीर्घायु की संभावना ज्यादा होती है। इसके अलावा ऐसे लोगों में डोपामिन हार्मोन का ज्यादा स्राव होता है। यह मोटिवेशनल हार्मोन भी कहा जाता है। यह शरीर को ऊर्जा देता है, इससे उत्साह व उमंग का संचार होता है। यह व्यक्ति को अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रेरित करता है। निराशा व चिंता से दूर रहता है।
-डॉ. सुनील शर्मा,साइकेट्रिक मनोचिकित्सालय, जयपुर
Updated on:
12 Jul 2019 06:24 pm
Published on:
12 Jul 2019 06:23 pm
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