
Harad Benefits In Hindi: हरड़ का आयुर्वेद चिकित्सा में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है, जिसे हम बोलचाल की भाषा में हरड़ या हर्रे कहते हैं। इसे विजया, कायस्था, अमृता, प्राणदा भी कहा जाता है। हरड़ का सेवन पेट से जुड़ी हुई बीमारियों को दूर करने में मदद कर सकता है और इसके कई फायदे होते हैं। आइए, हम इसके बारे में और जानते हैं।

हरड़ के पोषण तत्व Myrobalan Nutrition Factsहरड़ का फल, जड़, और छाल विभिन्न प्रकार की और छोटी और बड़ी रूपों में पाया जाता है, और यह आयुर्वेदिक तत्त्वों से भरपूर होता है। इसमें मिनरल्स (सेलेनियम, पोटेशियम, मैंगनीज, आयरन, और कॉपर), विटामिन, प्रोटीन, एंटीबैक्टीरियल, और एंटीबायोटिक गुण होते हैं। इसका बीजरहित फल खाया जा सकता है और यह सेहत के लाभकारी है।

हरड़ के फायदे Harad Benefitsहरड़ का सेवन गले की बैठन, पुराने बुखार, सिरदर्द, आंखों की समस्याएं, पेट की दिक्कतें, त्वचा की समस्याएं, हृदय रोग, खून की कमी, पीलिया, शरीर में सूजन, मधुमेह, उल्टी, पेट में कीड़े, आंतों में संक्रमण, दमा, खांसी, मुंह से लार टपकना, बवासीर, प्लीहा बढऩा, पेट में अफारा, एसिडिटी, भोजन में अरुचि जैसी समस्याओं में फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा, वात-कफ से जुड़े रोगों में भी इसका प्रयोग लाभकारी हो सकता है।

हरड़ के साइड इफेक्ट्स Harad Side Effectsहरड़ गरमी के मौसम में नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसकी तासीर गरम होती है। अगर रक्त संबंधी समस्याएं हैं, तो भी इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। दुबले-पतले व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं इसे नहीं लेना चाहिए, अन्यथा दिक्कत हो सकती है। हरड़ का चूर्ण 3-6 ग्राम और काढ़ा 30 एमएल लिया जा सकता है।

रक्त संबंधी समस्याएं: रक्त संबंधी विकारों जैसे की उच्च रक्तचाप या रक्तदाब की समस्या होने पर मैरोबैलन (हरड़) का सेवन न करें।

दुबले-पतले व्यक्ति और गर्भवती महिलाएं: मैरोबैलन का सेवन करने से पहले दुबले-पतले व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को चिकित्सक से सलाह लेना चाहिए।