
Head Neck cancer: 35 की उम्र बाद हफ्ते में एक बार करें सेल्फ माउथ टेस्ट
विश्व स्वास्थ्य संगठन अप्रेल को मुंह व गले के कैंसर जागरूकता माह में मनाता है। कैंसर के कुल मरीजों में इनकी संख्या करीब एक तिहाई है। यह कैंसर मुंह एवं गले के विभिन्न भागों जैसे जीभ, गाल, टॉन्सिल, लैरिंक्स (आवाज का बक्सा), नाक, कान, नासोफैरिंक्स, थूक की ग्रंथियों आदि में भी होता है। समय रहते इलाज संभव है।
लक्षण और जांचें
इसके लक्षण अलग-अलग स्टेज में अंगों के हिसाब से भिन्न-भिन्न होते हैं। जैसे किसी के मुंह में लंबे समय से छाले या घाव होना, आवाज बदलना, खाने या निगलने में दर्द, गले में गांठे होना, थूक या बलगम में खून आना, बिना वजह वजन घटना आदि। एडवांस स्टेज में हड्डियों में दर्द, पीलिया, खून की उल्टी होना आदि लक्षण हैं। इसकी पहचान के लिए बायोप्सी प्रमुख है। घाव, छाले या गांठ के एक छोटे सैंपल की जांच करते हैं। लोगों में भ्रम है कि बायोप्सी से कैंसर फैलता है। कई बार कुछ ब्लड टेस्ट, सीटी स्कैन और एमआरआइ की भी जरूरत पड़ती है।
बीमारी की जल्द पहचान से इलाज आसान
कैंसर ऐसी बीमारी है कि इसकी पहचान जितनी जल्दी होगी, इलाज उतना ही आसान, सस्ता और दर्द रहित होगा। यदि बीमारी की पहचान पहली या दूसरी स्टेज में हो जाती है तो पूर्णतया इलाज है। इसमें सर्जरी, कीमोथैरेपी और रेडियोथैरेपी होती है। जैसे-जैसे बीमारी गंभीर होती है इलाज भी मुश्किल होने लगता है। बचाव के लिए सप्ताह में एक बार सेल्फ माउथ एग्जामिनेशन करें। यदि कोई नशा करते हैं तो तत्काल छोड़ दें।
ऐसे करें खुद की जांच
35-40 वर्ष के बाद हर व्यक्ति को सेल्फ माउथ टेस्ट करना चाहिए। वे लोग तो जरूर करें जो कोई नशा करते हैं। आइने के सामने खड़े होकर देखें कि कोई दांत नुकीले तो नहीं, जो चुभते, मुंह में एक जगह पर ही छाले या घाव तो नहीं हो रहे हैं। कोई गांठ तो नहीं बन रही है। आवाज में बदलाव या निगलने में तकलीफ या लंबे समय से एक कान में दर्द तो नहीं हो रहा है। ऐसा है तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
Published on:
14 Apr 2021 08:51 pm
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