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Health Myths: सफेद चावल दुश्मन नहीं, कॉफी हर बार दोस्त नहीं, 7 खाने से जुड़े झूठ और सच

Health Myths: क्या सफेद चावल वाकई मोटापा बढ़ाते हैं? क्या कॉफी हमेशा सेहतमंद है? हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड से प्रशिक्षित डॉक्टर ने केले, कॉफी, मसाले, दही और बेरीज जैसे खाने से जुड़े 7 जरूरी फैक्ट्स बताए।

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भारत

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Dimple Yadav

Aug 26, 2025

Health Myths

Health Myths (photo- freepik)

Health Myths: अक्सर लोग सोचते हैं कि चावल मोटापा बढ़ाते हैं इसलिए डाइट में इन्हें हटाना ही ठीक है। वहीं कुछ लोग मानते हैं कि कॉफी हमेशा हेल्दी होती है। लेकिन हकीकत ये है कि ये धारणाएं हमेशा सही नहीं होतीं। हमारा खाना, हमारी सेहत पर बहुत गहरा असर डालता है। इसीलिए जरूरी है कि हम सही समय और सही तरीके से चीजें खाएं। स्टैनफोर्ड और हार्वर्ड के डॉक्टर ने रोजमर्रा की कुछ चीजों के बारे में साइंस पर आधारित जरूरी बातें बताई हैं।

केले थोड़ा कच्चे खाएं

डॉक्टर ने बताया कि केला अगर थोड़ा हरा (कच्चा) हो तो सबसे फायदेमंद होता है। इसमें रेज़िस्टेंट स्टार्च होता है, जो आपके अच्छे बैक्टीरिया को मजबूत बनाता है और ब्लड शुगर भी नहीं बढ़ाता। जबकि ज्यादा पका केला ज्यादातर सिर्फ शक्कर ही बन जाता है।

कॉफी के फायदे भी और नुकसान भी

कॉफी सुबह-सुबह आपको एनर्जी देने के साथ-साथ डाइजेशन को भी बेहतर करती है। लेकिन अगर आप इसे ज़्यादा पिएं या खाली पेट लें, तो ये एसिडिटी, घबराहट और ढीला पेट जैसी दिक्कते दे सकती है।

मसाले भी हैं दवा

हल्दी, अदरक और सौंफ जैसे मसाले अगर सही मात्रा में लें तो ये सूजन कम करते हैं, पाचन ठीक रखते हैं और आंतों की सुरक्षा करते हैं।

दही जयीदी काम का, शक्कर वाले प्रॉबायोटिक ड्रिंक्स से

बाजीर में मिलने वाले महंगे ‘प्रॉबायोटिक ड्रिंक्स’ उतने फायदेमंद नहीं होते। इसके बजाय सादा दही, छाछ, केफिर या सॉरक्राउट आपके पेट के लिए ज्यादा अच्छे हैं। इनमें असली बैक्टीरिया स्ट्रेन्स होते हैं और अतिरिक्त शक्कर भी नहीं होती।

सफेद चावल दुश्मन नहीं है

कई लोग वजन घटाने के लिए चावल छोड़ देते हैं। लेकिन डॉ. सेठी कहते हैं कि अगर आप पके हुए चावल को ठंडा करके खाएं, तो उसमें भी रेजिस्टेंट स्टार्च बनता है जो फाइबर जैसा काम करता है और पाचन के लिए अच्छा है। यही वजह है कि बचे हुए चावल अक्सर पेट पर हल्के लगते हैं।

बेरीज पेट के दोस्त

ब्लूबेरी, रसभरी और अनार जैसे फल गुड बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं और शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं। ये कैप्सूल वाले प्रॉबायोटिक्स से कहीं ज्यादा असरदार हैं।

चिया और तुलसी के बीज फाइबर बूस्ट

चिया सीड्स और तुलसी के बीज पानी सोखकर जेल बनाते हैं, जिससे पेट साफ रहता है, पाचन सुधरता है और अच्छे बैक्टीरिया को खाना मिलता है।

खाने का तरीका भी मायने रखता है

  • डॉक्टर ने कहा कि सिर्फ ये नहीं कि आप क्या खा रहे हैं, बल्कि कैसे खा रहे हैं ये भी जरूरी है।
  • तेजी-तेजी में खाना, तनाव में खाना या खाते वक्त ध्यान कहीं और लगाना पाचन बिगाड़ सकता है।
  • धीरे-धीरे और शांति से खाना चाहिए।
  • पेट को रूटीन पसंद है, यानी खाने, सोने और वॉशरूम का समय नियमित होना चाहिए।

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