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सावधान! बुखार और दर्द की ये 7 दवाएं आपके लिवर-किडनी के लिए हो सकती हैं जहरीली, राजस्थान में लगा बैन

Banned Medicine Side Effects: राजस्थान सरकार ने 7 दवाओं को घटिया घोषित कर बैन किया है। इनमें बुखार, खांसी और एंटीबायोटिक शामिल हैं। जानें कौन से बैच नंबर हैं खतरनाक और सेहत पर क्या होगा असर।

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भारत

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Dimple Yadav

Apr 23, 2026

Health alert Rajasthan

Health alert Rajasthan (Photo- gemini ai)

Health alert Rajasthan: राजस्थान में दवाइयों की शुद्धता को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। कमिश्नरेट ऑफ फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोल ने हालिया लैब टेस्टिंग के बाद प्रदेश में बिक रही 7 प्रमुख दवाओं को घटिया (Not of Standard Quality) घोषित करते हुए उनके विशेष बैच पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अगर आपके घर में भी बच्चों के सिरप या बुखार-दर्द की गोलियां रखी हैं, तो उन्हें तुरंत चेक कर लें, क्योंकि ये दवाएं फायदे की जगह आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।

राजस्थान में बैन हुई दवाओं की पूरी लिस्ट (चेक करें बैच नंबर)

ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने सभी मेडिकल स्टोर और अस्पतालों को निर्देश दिया है कि नीचे दी गई दवाओं के इन विशेष बैच की बिक्री तुरंत बंद कर दी जाए:

Cefixime Oral Suspension (LORAXIM Dry Syrup): बच्चों में इन्फेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाला यह सिरप (बैच LXS3-49) मानक पर खरा नहीं उतरा। इसमें सक्रिय तत्व (Assay) की मात्रा सही नहीं पाई गई।

Albendazole Tablets IP: पेट के कीड़ों के लिए उपयोग होने वाली यह दवा (बैच PG124427) 'डिजॉल्यूशन टेस्ट' में फेल हो गई, यानी यह शरीर में सही ढंग से घुलती ही नहीं है।

Istocuf-LS Drops: खांसी और सांस की तकलीफ के लिए इस्तेमाल होने वाली इन बूंदों (बैच GLF0712B) में रसायनों का मिश्रण मानक के अनुसार नहीं था।

Methylprednisolone Tablets (Methyloactive-4): यह दवा (बैच 252005) टेस्ट में सबसे ज्यादा फेल रही। यह न तो शरीर में सही से घुलती है और न ही इसमें दवा की मात्रा सही है।

Okuff-DX Syrup: खांसी के इस सिरप (बैच TLLM-188) में जरूरी केमिकल की मात्रा तय सीमा से काफी कम मिली।

Cefuroxime Axetil Tablets (EXTENSIVE-500): एंटीबायोटिक के तौर पर दी जाने वाली यह टैबलेट (बैच VT252942) भी टेस्टिंग में फेल हो गई है।

Ciprofloxacin Tablets 500 mg: बुखार और इन्फेक्शन की यह दवा (बैच GT50135) भी मानक से काफी घटिया पाई गई है।

क्यों खतरनाक हैं ये 'घटिया' दवाएं? (Health Risk)

दवाओं का 'नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी' (NSQ) होना मरीज के लिए जानलेवा हो सकता है। जब किसी दवा में सक्रिय तत्व (Active Ingredient) कम होता है, तो बीमारी ठीक होने के बजाय शरीर में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस पैदा कर देती है। वहीं, जो दवाएं 'डिज़ॉल्यूशन टेस्ट' में फेल होती हैं, वे शरीर के अंदर जाकर पूरी तरह घुल नहीं पातीं, जिससे उनका जहरीला अंश लिवर और किडनी में जमा होने लगता है।

एक्सपर्ट की राय: लिवर-किडनी को खतरा

जयपुर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घटिया रसायनों वाली दवाएं सीधे मेटाबॉलिज्म पर असर डालती हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, "यदि दवा का फॉर्मूलेशन सही नहीं है, तो किडनी उसे शरीर से बाहर निकालने में सक्षम नहीं हो पाती, जिससे 'नेफ्रोटॉक्सिसिटी' (किडनी डैमेज) का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, गलत मिश्रण से लिवर की कोशिकाओं में सूजन आ सकती है।"

सावधानी ही बचाव

राजस्थान ड्रग कंट्रोल विभाग की कमिश्नर डॉ. टी. शुभमंगला ने जनता से अपील की है कि वे दवा खरीदते समय विश्वसनीय मेडिकल स्टोर का ही चुनाव करें और ऊपर बताए गए बैच नंबर वाली दवाओं का सेवन बिल्कुल न करें।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।