
हड्डियां कमजोर हैं तो हृदय की धमनियों पर भी पड़ेगा असर
लंदन की क्वीन मेरी यूनिवर्सिटी के एक शोध में कहा गया है कमजोर हड्डियों के कारण भी हृदय रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। हड्डियों का घनत्व कम होने से हृदय की धमनियां सख्त हो जाती हैं। ऐसे लोगों में हार्ट अटैक की आशंका भी बढ़ जाती है। शरीर में कैल्शियम की कमी से हार्ट बीट का तेजी से धडक़ना, स्ट्रोक आदि का भी खतरा बढ़ जाता है। ओस्टियोपोरेसिस के रोगियों में इसका खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इस खतरे का कम करने के लिए रोजाना सुबह की धूप में 20-25 मिनट बैठना, कैल्शियम वाली डाइट और नियमित व्यायाम करना जरूरी होता है।
युवाओं में हार्ट अटैक इसलिए: बढ़ता मोटापा, प्रोसेस्ड फूड अधिक खाना, सोडा पेय अधिक पीना, फिजिकल एक्टिविटी कम होना, डायबिटीज, हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रॉल, ज्यादा तनाव और आराम कम करने से भी युवाओं में हार्ट अटैक-डिजीज अधिक।
डॉक्टर को कब दिखाएंं: उम्र 35-40 वर्ष से अधिक है तो वर्ष में एक बार जांच करवाएं। फैमिली हिस्ट्री है तो विशेष सावधानी बरतें। बाएं हाथ व सीने में दर्द, बेचैनी, ज्यादा पसीना आना, बदहजमी, सीने में जलन, सांस लेने में तकलीफ है तो अनदेखी न करें।
अखरोट, बादाम, अलसी के बीच, पालक, गाजर, टमाटर आदि को डाइट में शामिल करें। पालक-टमाटर का एक गिलास जूस पी सकते हैं।
हाई फैट और नमक वाली डाइट से बचें।
कोई नशा करते हैं तो तत्काल छोड़ दें।
साबूत दालें-अनाज, दलिया, सेम, लोभिया, सेब, नींबू, नाशपाती, अन्नानास आदि ज्यादा खाएं। इसमें घुलनशील फाइबर अधिक मात्रा में होते हैं।
तीन किमी टहलें: हृदय रोगी ज्यादा हैवी वर्कआउट न करें। सांस लेने में दिक्कत होती है। इसमें एरोबिक्स ज्यादा फायदेमंद है। 45 मिनट या तीन किमी. तक तेज चाल से टहलें।
Published on:
04 Nov 2020 04:34 pm
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