ह्रदय रोगों के इन लक्षण से समझे कौनसी बीमारी है

हृदयाघात : सीढिय़ां चढ़ते वक्त सांस फूलती है तो सावधान हो जाएं। रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज से हृदय तक रक्त नहीं पहुंचने से हृदयघात होता है।

By: Hemant Pandey

Published: 15 Nov 2020, 07:36 PM IST

हृदयाघात : सीढिय़ां चढ़ते वक्त सांस फूलती है तो सावधान हो जाएं। रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज से हृदय तक रक्त नहीं पहुंचने से हृदयघात होता है। एक दम से सीने में तेज दर्द, सांस फूलने, पसीना आने पर तुरंत अस्पताल ले जाएं। गोल्डन आवर ट्रीटमेंट से 80% मरीज बच सकते हैं। डिस्प्रिन दें, ईसीजी कराएं। खून पतला करने के इंजेक्शन से फायदा मिल सकता है।
साइलेंट अटैक : हार्ट अटैक यानि दिल के दौरे के दौरान आमतौर पर लक्षण आधे घंटे तक रहते हैं। आराम करने या दवा खाने से राहत नहीं मिलती है। मामूली दर्द से गंभीर पीड़ा तक हो सकती है। कई लोगों में हार्ट अटैक के लक्षण नहीं दिखते हैं जिसे साइलेंट मायोकार्डियल इन्फेक्शन यानि एमआई कहते हैं। ये ज्यादातर डायबिटीज के मरीजों में होता है।
कार्डियक अरेस्ट : ये हार्ट की ऐसी स्थिति है जिसमें हृदय एकदम से काम करना बंद कर देता है। व्यक्ति बेहोश हो जाता है। तत्काल उपचार न मिलने पर कुछ मिनटों में जान भी जा सकती है। इसका कारण हृदय की धमनियों में पूरी तरह ब्लॉकेज आकर हार्टअटैक आना है। प्रारंभिक उपचार के लिए व्यक्ति के सीने में कंप्रेशन और मुंह के माध्यम से सांस दी जाती है।

Hemant Pandey
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned