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हीमोफीलिया: छोटे बच्चे के दांत निकलते समय ब्लीडिंग न रुके तो हो जाएं सचेत

हीमोफीलिया एक आनुवांशिक बीमारी है जिसमें ख़ून का थक्का नहीं बनता है। जब चोट या सर्जरी में शरीर का कोई हिस्सा कटता है तो ख़ून का बहना नहीं रुकता है।

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हीमोफीलिया: छोटे बच्चे के दांत निकलते समय ब्लीडिंग न रुके तो हो जाएं सचेत

हीमोफीलिया: छोटे बच्चे के दांत निकलते समय ब्लीडिंग न रुके तो हो जाएं सचेत

हीमोफीलिया एक आनुवांशिक बीमारी है जिसमें ख़ून का थक्का नहीं बनता है। जब चोट या सर्जरी में शरीर का कोई हिस्सा कटता है तो ख़ून का बहना नहीं रुकता है। इसमें मरीज को अलग से प्लेटलेट़्स चढ़ाने की जरूरत होती है। हीमोफीलिया 'ए' में फैक्टर 8 की कमी होती और हीमोफीलिया 'बी' में घटक 9 की कमी होती है। जिन बच्चों के दांत निकलते समय खून का स्राव बंद नहीं हो रहा है तो सचेत हो जाएं।
कारण
ये बीमारी अधिकतर आनुवांशिक कारणों से होती है यानी माता-पिता में से किसी को हीमोफीलिया है तो उनसे होने वाले बच्चे को भी हो सकती है। कई बार किसी बीमार के कारण भी हो सकती है।
इसके लक्षण
नाक से लगातार खून आना, मसूड़ों से खून निकलना, त्वचा का आसानी से छिल जाना, जोड़ों में दर्द, शरीर के अंदर भी ब्लीडिंग होती है। सिरदर्द, गर्दन में अकडऩ और उल्टी भी।
यह है इलाज
इसमें फैक्टर इंजेक्शन से मरीज को चढ़ाया जाता है। इसकी गंभीरता कम है तो दवा से भी कंट्रोल किया जा सकता है। यदि माता-पिता को ये बीमारी तो उनसे बच्चे में आने की आशंका होती है। गर्भावस्था में जांच कराएं।

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