
HIV remission case (photo- gemini ai)
HIV remission case: नॉर्वे के Oslo में एक 63 साल के व्यक्ति का मामला सामने आया है, जिसने HIV के इलाज को लेकर उम्मीद जगा दी है। इस केस को मशहूर जर्नल Nature Medicine में पब्लिश किया गया है। खास बात ये है कि इस मरीज के शरीर में अब HIV वायरस बिना दवा के भी नजर नहीं आ रहा।
यह व्यक्ति साल 2006 से HIV से संक्रमित था और नियमित दवाएं लेकर अपना इलाज कर रहा था। साल 2020 में उसे एक ब्लड डिसऑर्डर (myelodysplastic syndrome) के इलाज के लिए स्टेम सेल ट्रांसप्लांट कराया गया। यह ट्रांसप्लांट उसके भाई के स्टेम सेल से किया गया, जिसमें एक खास तरह का जेनेटिक म्यूटेशन था, जो HIV को शरीर की कोशिकाओं में घुसने से रोकता है।
ट्रांसप्लांट के करीब 2 साल बाद डॉक्टरों ने उसकी HIV की दवाएं बंद कर दीं। हैरानी की बात ये है कि अब 3 साल से ज्यादा समय हो चुका है और उसके शरीर में वायरस वापस नहीं आया। डॉक्टरों ने ब्लड, बोन मैरो और आंत (gut) तक की जांच की, जहां HIV आमतौर पर छिपकर रहता है, लेकिन कहीं भी वायरस का कोई निशान नहीं मिला।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह लॉन्ग-टर्म रेमिशन है, यानी वायरस फिलहाल पूरी तरह कंट्रोल में है और नजर नहीं आ रहा। इससे पहले भी Berlin patient और London patient जैसे कुछ केस सामने आए थे, जिनमें ऐसे ही रिजल्ट मिले थे। लेकिन ऐसे मामले बहुत ही दुर्लभ हैं।
यहां सबसे जरूरी बात समझनी चाहिए, यह तरीका हर किसी के लिए संभव नहीं है। स्टेम सेल ट्रांसप्लांट बहुत जटिल और रिस्की प्रक्रिया है, जो आमतौर पर कैंसर या गंभीर ब्लड बीमारी में ही किया जाता है। इसमें जान का खतरा भी हो सकता है, इसलिए इसे सिर्फ HIV के इलाज के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाता।
इस केस से वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिल रही है कि HIV शरीर में कहां छिपता है और उसे पूरी तरह खत्म करने के लिए क्या जरूरी है। खासकर यह जेनेटिक म्यूटेशन (CCR5 जैसा) भविष्य में नए इलाज का रास्ता खोल सकता है।
यह केस कोई तैयार इलाज नहीं है, लेकिन एक बड़ी उम्मीद जरूर है। इससे पता चलता है कि सही तकनीक और रिसर्च के जरिए HIV को कंट्रोल या शायद खत्म भी किया जा सकता है। फिलहाल, मरीजों के लिए नियमित दवाएं ही सबसे सुरक्षित और असरदार तरीका हैं, लेकिन यह खोज भविष्य में इलाज की दिशा बदल सकती है।
Published on:
14 Apr 2026 04:51 pm
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
