
सुबह उठते ही चक्कर आए और धुंधला दिखाई दे तो बीपी बढ़ा है
सवाल: बीपी की दवा चल रही है। तीन महीने से डॉक्टर को नहीं दिखाया है। क्या दवा बदलने की जरूरत है? कई पाठक
जवाब: अगर बीपी नियंत्रित है तो दवा बदलने की जरूरत नहीं है। लेकिन सुबह उठने पर चक्कर आना और आंखों में भारीपन-धुंधलापन महसूस हो रहा है तो ये बीपी के शुरुआती लक्षण हैं। अपने डॉक्टर से संपर्क करें। नमक कम करें। टेबल सॉल्ट यानी सलाद-फ्रूट्स में नमक न खाएं। पापड़-अचार और तली हुई चीजों का परहेज करें। कॉफी-चाय कम पीएं। नशा बिल्कुल ही न करें। प्रायाणाय और सूर्य नमस्कार रोज करीब 30 मिनट करें। इससे बीपी सामान्य रहने के साथ डायबिटीज और हृदय से जुड़े रोगों में भी आराम मिलता है।
सवाल: बीपी की समस्या है। कुछ दिनों से पैरों में दर्द हो रहा है। क्या करें? अनेक पाठक
जवाब: हृदय और बीपी के रोगियों के लिए पैरों में दर्द होना अच्छी बात नहीं है। लॉकडाउन में लापरवाही के चलते योग-व्यायाम नहीं करने पैरों की नसों में खून जमने की समस्या हो सकती है। इसे डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी) कहते हैं। कई बार ऐसा होता है कि पैरों की नसों में जमने वाला खून टूटकर फेफड़ों की नली में फंस जाता है जिससे जान का खतरा रहता है। नियतिम योग-व्यायाम करें। बीमारी नियंत्रित रखें।
सवाल: क्या बीपी की दवा से कोरोना का रिस्क बढ़ता है? अनेक पाठक
जवाब: शुरु की कुछ रिपोट्र्स में ऐसी बातें आई थीं लेकिन ऐसा स्पष्ट नहीं है। ये दवाइयों आपके हृदय को सुरक्षित रखती और इम्युनिटी बढ़ाती हैं। दवाइयां नियमित लेते रहें। साथ ही हैल्दी डाइट और नियमित योग-व्यायाम करते रहें। धनिया, हल्दी, जीरा, दालचीनी, अलसी, लहसून, हाई प्रोटीन डाइट, ब्रॉकली, पालक, मिर्च, मशरूम, संतरा, अनानास, नींबू आदि भरपूर मात्रा में लें। चिंता-तनाव न करें।
सवाल: क्या गर्मी में हार्ट डिजीज का खतरा घट जाता है। अगर ऐसा है तो गर्मी में हार्ट डिजीज की दवाइयों का डोज कम करना चाहिए? कई पाठक
जवाब: ज्यादा ठंड की तरह ही अधिक तापमान हृदय के रोगियों को नुकसान पहुंचाता है। तेज धूप से डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ती है। इससे युवाओं में दिल के दौरे बढ़ जाते हैं। थ्रोम्बोटिक एपिसोड की आशंका बढ़ जाती है। बुजुर्ग और हृदय रोगियों को भी गर्मी में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। तेज धूप में जाने से बचें। ज्यादा पानी पीएं। गर्मी को ध्यान में रखकर हल्के कपड़े पहनें। कैफीन युक्तया मादक पेय से बचें। अपने मन से दवा की डोज तय न करें।
Published on:
21 May 2020 07:53 pm
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