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आयुर्वेद में सात तरीके से अभ्यंग, सर्दी में तिल, नारियल या सरसों तेल से मालिश करें

सर्दी के दिनों में रोज अभ्यंग (मालिश) करना चाहिए। यह शरीर को डिटॉक्स करता है।

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आयुर्वेद में सात तरीके से अभ्यंग, सर्दी में तिल, नारियल या सरसों तेल से मालिश करें

आयुर्वेद में सात तरीके से अभ्यंग, सर्दी में तिल, नारियल या सरसों तेल से मालिश करें

सर्दी के दिनों में रोज अभ्यंग (मालिश) करना चाहिए। यह शरीर को डिटॉक्स करता है। मालिश सर्दी के कारण होने वाली रुक्षणता (रुखापन) को दूर करता, ब्लड सर्कूलेशन बढ़ाता व शरीर को मजबूती देता है। लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखें।
तिल-नारियल तेल सही
ठंडक के दिनों में मालिश के लिए तिल और नारियल का तेल बेहतर है। इससे शरीर को गर्माहाट मिलती है। रुखापन दूर होता है। सरसों तेल भी ठीक है।
ज्यादा गर्म या ठंडे पानी से स्नान करने से बचें
मालिश के २०-25 मिनट बाद ही स्नान करें। कोशिश करें कि हमेशा गुनगुने पानी से ही नहाएं। ज्यादा गर्म पानी से नहाने से रुखापन-रूसी की समस्या हो सकती है। ठंडे पानी से मालिश का लाभ नहीं मिलेगा।
ये हैं सात तरीके
आयुर्वेद में 7 तरीके से अभ्यंग करते हैं ताकि ठीक से तेल लग जाए। सबसे पहले बैठकर, फिर पीठ के बल लेटकर, बाईं करवट, मुंह के बल, दाईं करवट, पीठ के बल और फिर बैठकर।
हल्के हाथों से करें मसाज
मालिश करते समय कुछ सावधानी बरतें जैसे हल्के हाथों से तेल लगाएं। ज्यादा दबाव से नसों या लिगामेंट को नुकसान हो सकता है। तेल हमेशा गुनगुना ही इस्तेमाल में लें।
- डॉ. पंकज कटारा,
पंचकर्म विशेषज्ञ, चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली