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इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे: 15 मिनट रोज हंसने से बढ़ती है 6 साल उम्र

खुश रहने के लिए हमें हंसते-मुस्कुराते रहना जरूरी है

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इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे: 15 मिनट रोज हंसने से बढ़ती है 6 साल उम्र

इंटरनेशनल हैप्पीनेस डे: 15 मिनट रोज हंसने से बढ़ती है 6 साल उम्र

खुशी ऐसी चीज है जिसको न तो तौला जा सकता है और न ही देख सकते हैं। लेकिन महसूस कर सकते हैं। हंसने और मुस्कुराने से इसका पता चल जाता है। इसके फायदे भी बहुत है। खुशी केवल कुछ पाने में ही नहीं मिलती है, बल्कि जरूरतमंदों को कुछ देने से भी मिलती है। विश्व खुशहाली दिवस दुनियाभर में 20 मार्च को मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम है ‘शांत रहें, बुद्धिमान और दयालु बनें’।
शरीर के लिए खास
है हंसने के मायने
कई शोधों में स्पष्ट हो चुका है कि नियमित हंसना सेहत के लिए फायदेमंद है। इससे बीपी और दिल की धडकऩें सामान्य रहती हैं। रोज 15 मिनट या इससे ज्यादा हंसने वाले व्यक्ति की उम्र छह साल तक ज्यादा हो सकती है। हंसने से शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ता है और तनाव कम होता है। मन शांत होता है। हल्कापन महसूस करते हैं। अगर शरीर में दर्द है तो भी कम होता है। खुश रहने और नियमित हंसने से सकारात्मकता आती है। हाल ही एक अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग ज्यादा हंसते हैं उनकी इम्युनिटी भी अधिक होती है। उनमें बुढ़ापा भी देरी से आता है।
मांसपेशियों को राहत
जिनके शरीर या मांसपेशियों में दर्द रहता है। उन्हें सुबह-शाम करीब 5-10 मिनट तक हंसना चाहिए। हंसने से करीब 100 प्रकार से अधिक मांसपेशियों में आराम मिलता है। असहनीय दर्द से राहत दिलाने के लिए डॉक्टर लाफिंग थैरेपी देते हैं। दिन में 10-15 मिनट हंसने से रात में दो घंटे गहरी नींद आती है। सपने अच्छे आते हैं। खुश रहने वाले लोगों का पाचन तंत्र भी अच्छा रहता है। फेफड़ों से जुड़े रोगों से बचाव होता है। हंसने से पसीना भी अधिक आता है, शरीर से टॉक्सिक तत्त्व बाहर निकलते हैं। नीरसता, एकाकीपन दूर होता है।
खुश रहने के लिए जिम्मेदार ये चार हार्मोन
प हला हैप्पी हार्मोन सिरोटोनिन, दूसरा एंडोर्फिन, तीसरा ऑक्सीटोन और चौथा डोपामाइन। अक्सर मानसिक तौर पर परेशान रहने वालों में इन हार्मोन्स की कमी होती है, जिसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। अच्छे मन व सेहत के लिए इन हार्मोन का संतुलन बहुत जरूरी है। जानते हैं इन हार्मोन्स के बारे में-
हैप्पी डाइट ज्यादा लें
विटामिन, मिनरल्स व फैटी एसिड वाली चीजें डाइट हैप्पी फूड कहलाते हैं। यह तनाव और डिप्रेशन से राहत दिलाते हैं। 'हैपी डाइट' में गोभी, पत्तागोभी, पालक, ब्रोकली, मशरूम, लाल-पीली शिमला मिर्च, प्याज, बैरीज, सेब, संतरा, आड़ू और नाशपाती शामिल है। वहीं प्रोटीन के लिए डेयरी प्रोडक्ट लें। सूक्ष्म पोषक तत्त्वों के लिए बादाम एवं पिस्ता ले सकते हैं। भोजन करते समय पूरा ध्यान खाने पर ही रखें। मोबाइल-टीवी देखते हुए भोजन नहीं करें। साथ ही अच्छे लोगों की संगत रखें। इनसे भी खुशी मिलती है।
खुशी के महामंत्र
रिश्तों को महत्त्व दें। रिश्ते सही नहीं है तो सफलता उसके आगे बेकार लगती हंै। खुशी नहीं मिल पाती है।
अपनी गलतियां दूसरों पर नहीं थोपें। इससे रिश्ते खराब होते हैं और समस्या पहले जैसी बनी रहती है। इसलिए खुद जिम्मेदारी उठाएं।
नकारात्मक लोगों और विचारों से दूर रहें। इससे तनाव होता है। अच्छा काम करने वाला विचार भी धीरे-धीरे कम होने लगता है।
सोच का दायरा बढ़ाएं। दूसरों पर भरोसा करना सीखें। दूसरों को भी मौका देना चाहिए।
जब किसी को देखें तो एक स्माइल जरूर करें। इससे आपके साथ सामने वाले को भी खुशी मिलती है।