
Earwax Colour Meaning (photo- gemini ai)
Earwax Colour Meaning: अक्सर लोग कान के मैल को गंदगी समझते हैं और उसे तुरंत साफ करने की कोशिश करते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि कान का मैल, जिसे ईयरवैक्स या सेरुमेन कहा जाता है, हमारे कानों की सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है। यह एक प्राकृतिक स्राव है, जो कान को धूल, मिट्टी, कीटाणुओं और बाहरी कणों से बचाने का काम करता है।
हमारे कान खुद को साफ करने की क्षमता रखते हैं। समय के साथ पुराना ईयरवैक्स धीरे-धीरे बाहर की ओर आता है और मृत त्वचा कोशिकाओं के साथ अपने आप गिर जाता है। इसलिए हर बार कान के अंदर सफाई करना जरूरी नहीं होता।
ईयरवैक्स का रंग, गाढ़ापन और बनावट हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। यह जेनेटिक कारणों, नस्ल और सेहत पर निर्भर करता है। कई बार रंग बदलना सामान्य होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
पूर्वी एशियाई लोगों में आमतौर पर सूखा और हल्का रंग का ईयरवैक्स होता है, जबकि बाकी लोगों में गीला और पीला या भूरा ईयरवैक्स पाया जाता है। यह भी जीन से जुड़ा होता है।
ईयरवैक्स सिर्फ एक स्राव नहीं है, बल्कि यह कान की सुरक्षा ढाल है। यह बैक्टीरिया और गंदगी को अंदर जाने से रोकता है और कान को संक्रमण से बचाता है। तनाव, डर या चिंता की स्थिति में कभी-कभी शरीर ज्यादा ईयरवैक्स बनाने लगता है, जिससे कान में ब्लॉकेज हो सकता है।
अधिकतर मामलों में कान की अंदरूनी सफाई की जरूरत ही नहीं होती। सिर्फ बाहरी हिस्से को गीले या सूखे कपड़े से साफ करना काफी है। रुई की तीलियां, पिन, सेफ्टी पिन या ईयर कैंडल का इस्तेमाल नुकसानदेह हो सकता है, क्योंकि इससे मैल और अंदर चला जाता है और कान को चोट भी लग सकती है। अगर ईयरवैक्स ज्यादा जमा हो जाए, तो घर पर बेबी ऑयल या कान की ड्रॉप्स की कुछ बूंदें डालकर उसे नरम किया जा सकता है। अगले दिन गुनगुने पानी से हल्का फ्लश किया जा सकता है।
अगर आपको कान में दर्द, सुनने में कमी, कान में सीटी या आवाज (टिनिटस), अजीब तरह का डिस्चार्ज हो, तो बिना देर किए ENT डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सही देखभाल से कान लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं।
Published on:
03 Jan 2026 11:52 am
बड़ी खबरें
View Allस्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
