शिशुओं को एक-दो मोटे की जगह पतली लेयर के कई कपड़े पहनाएं

सर्दी में छोटे बच्चों की समस्या बढ़ जाती है। उनकी इम्युनिटी कमजोर होने से बार-बार सर्दी-जुकाम की समस्या होती है।

By: Hemant Pandey

Published: 15 Nov 2020, 11:02 AM IST

सर्दी में छोटे बच्चों की समस्या बढ़ जाती है। उनकी इम्युनिटी कमजोर होने से बार-बार सर्दी-जुकाम की समस्या होती है। वहीं शिशुओं की पहली सर्दी है तो उन्हें विशेष ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
ऊनी जुराब पहनाएं
बच्चों के सिर, पैर और कानों को ढककर रखें। 2-3 कपड़े हमेशा पहनाकर रखें। 1-2 मोटे कपड़ों की जगह 3-4 पतले कपड़े पहनाएं। इससे ज्यादा गर्मी रहती है। गर्मी बढऩे पर एक-एक कर ही निकालें। कॉटन की जगह ऊनी दस्ताने-जुराब पहनाएं।
कब-कब नहलाएं?
नवजात शिशु (1 महीने तक के) को 2-3 दिन छोडकऱ नहलाएं पर रोज गुनगुने पानी में तौलिया भिगोकर बच्चे के शरीर को पोंछें। 2 महीने से ऊपर के बच्चे को रोज गुनगुने पानी से नहलाएं। बच्चा किटाणुओं की चपेट में नहीं आएगा। खुले में न नहलाएं।
हीटर चलाते हैं तो...
ऑयल रूम हीटर अच्छा होता है। 1-2 घंटा चलाने के बाद बंद कर दें। कमरे से निकलने से 15 मिनट पहले हीटर बंद कर दें। तुरंत बाहर न निकालें।
छो टे बच्चों को रोज 10-15 मिनट मालिश करें। इससे बच्चे की मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत होती हैं। मालिश हमेशा नीचे से ऊपर की ओर करें। इससे खून का फ्लो दिल की ओर होता है। पैरों और हाथों पर नीचे से ऊपर की ओर मालिश करें। दोनों हाथों को सीने के बीच रखकर दोनों दिशाओं में दिल बनाते हुए मालिश करें। मालिश और नहाने के बीच 15 मिनट का अंतर रखें। खाने के एक घंटे बाद ही मालिश करें। खाने के तुरंत बाद मालिश से बच्चा उल्टी कर सकता है। वहीं खाने के बाद खून का बहाव पेट की ओर हो जाता है। ऐसे में मालिश करने पर बच्चे को दिक्कत हो सकती है।
केसर-शहद दे सकते हैं
7-8 महीने के बच्चे को रोज आधा बादाम और आधा काजू पीसकर दें। इन्हें साबूत न दें, गले में फंसने का डर रहेगा। अगर ड्राई फ्रूट्स से एलर्जी है तो इसे न दें। साथ ही एक खजूर, 3-4 किशमिश खिला सकते हैं। एक पत्ती केसर और शहद की 4-5 बूंदें चटाने से सर्दी से बचाव होगा। अगर बच्चा खा सकता है तो संतरा, सेब, चीकू, अनार आदि फल भी खिला सकते हैं। छोटे बच्चों को रोज थोड़ी देर धूप में बैठाएं। इसमें ध्यान रखें कि वहां हवा न हो और न ही बहुत तेज धूप हो। धूप में हाथ-पैर खुला रखें। दो साल से बड़े बच्चों को फुल क्रीम और एक साल से छोटे बच्चों को कम फैट वाला दूध दें।

Hemant Pandey
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