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Laryngeal Cancer: सिर्फ आवाज की रिकॉर्डिंग से हो सकती है कैंसर की पहचान! मेडिकल साइंस की नई खोज

Laryngeal Cancer: वैज्ञानिकों ने खोजा नया तरीका जिससे सिर्फ आवाज की रिकॉर्डिंग से गले के कैंसर के शुरुआती संकेत मिल सकते हैं। जानें लक्षण, कारण और AI तकनीक का भविष्य।

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भारत

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Dimple Yadav

Aug 15, 2025

Laryngeal Cancer

Laryngeal Cancer (photo- freepik)

Laryngeal Cancer: हम अपनी आवाज से बात करते हैं, गाते हैं, हंसते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, यही आवाज एक दिन हमारे लिए कैंसर का अलर्ट भी दे सकती है। दरअसल, लैरिंजियल कैंसर यानी गले का कैंसर हमारे लैरिंक्स (voice box) को प्रभावित करता है, जो हमें बोलने और सांस लेने में मदद करता है।

नेशनल हेल्थ सर्विस के अनुसार, हर साल 2,000 से ज्यादा नए मामले सामने आते हैं। दुनिया भर में ये आंकड़ा और भी बड़ा है।2021 में 10 लाख से ज्यादा केस रिपोर्ट हुए और करीब 1 लाख लोगों की मौत हुई। इस बीमारी से बचने का सबसे अच्छा तरीका है इसकी जल्दी पहचान।

आवाज से कैंसर की पहचान

अभी तक डॉक्टर इस बीमारी की जांच के लिए वीडियो नाक एंडोस्कोपी या बायोप्सी जैसे टेस्ट करते हैं, जो थोड़े इनवेसिव और असुविधाजनक होते हैं। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने एक ऐसा तरीका खोजा है जिससे सिर्फ आवाज रिकॉर्डिंग से शुरुआती संकेत मिल सकते हैं।

अमेरिका की ओरेगॉन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 306 लोगों की 12,500 से ज्यादा वॉइस रिकॉर्डिंग का अध्ययन किया। उन्होंने देखा कि आवाज की पिच और उसमें मौजूद नॉइज जैसी चीजों का विश्लेषण करके ये पता लगाया जा सकता है कि आवाज स्वस्थ है, या उसमें कोई वोकल फोल्ड लीजन (गांठ) है। ये गले के कैंसर का शुरुआती संकेत भी हो सकती है। उन्होंने खास तौर पर एक फीचर क्लैरिटी (Harmonic to Noise Ratio) में बड़ा फर्क पाया। स्वस्थ लोगों और कैंसर वाले मरीजों की आवाज में।

गले के कैंसर के लक्षण

अगर आपको ये लक्षण लंबे समय तक रहें तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं:

  • 3 हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहने वाली भारी या बदली हुई आवाज
  • निगलने में दर्द या दिक्कत
  • गर्दन में गांठ या सूजन
  • लंबे समय तक रहने वाली खांसी या सांस लेने में तकलीफ
  • लगातार गले में खराश या कान में दर्द
  • सांस लेते समय तेज सीटी जैसी आवाज आना
  • गंभीर मामलों में सांस लेने में कठिनाई
  • कभी-कभी बदबूदार सांस, अचानक वजन घटना या बहुत थकान

भविष्य में AI का रोल

यह रिसर्च बताती है कि भविष्य में AI टूल्स सिर्फ आवाज की रिकॉर्डिंग से कैंसर के खतरे को पहचान सकते हैं। यह तरीका बिना सुई, कैमरा या सर्जरी के, मरीज के लिए आसान होगा। अभी रिसर्च में पुरुषों की आवाज में फर्क पहचानना आसान था, महिलाओं में कम, क्योंकि उनके लिए डेटा कम था। अब वैज्ञानिक ज्यादा महिलाओं की वॉइस रिकॉर्डिंग जोड़कर अपने AI मॉडल को बेहतर बनाना चाहते हैं।