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अकेले रहना है पसंद तो आज ही संभल जाइए, रिसर्च में सामने आए हैं ये दुष्परिणाम

टोरेंंटो से प्रकाशित हैल्थ जर्नल सोशल साइकोलॉजिक एंड पर्सनैलिटी साइंस के मुताबिक अकेलापन आपके सोचने-समझने की क्षमता को घटाता है।

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Abhishek Pareek

Jul 09, 2016

टोरेंंटो
से प्रकाशित हैल्थ जर्नल सोशल साइकोलॉजिक एंड पर्सनैलिटी साइंस के मुताबिक
अकेलापन आपके सोचने-समझने की क्षमता को घटाता है।

दोस्तों व परिजनों के
साथ रहने से किसी भी काम को करने और उसके बारे में सोचने की क्षमता पर
सकारात्मक असर पड़ता है। लोगों से बातचीत आपको सहज बनाती है जिससे दिमाग
में नए आइडिया आते हैं।

रात में सोने से पहले जरूर चाहिए नहाना, जानिए क्यों

डिप्रेशन में हों, तो लें ओमेगा 3

डिप्रेशन से
पीडि़त मरीजों में ओमेगा 3 सप्लीमेंट्स (अलसी, बादाम, राजमा) प्रभावकारी
सिद्ध हो सकता है। अमरीकी पत्रिका 'साइक्रियाट्री' में प्रकाशित शोध के
मुताबिक, ओमेगा-3, विटामिन-डी और सिंथेटिक यौगिक एस-एडीनोसिलमेडियोनीन
(एसएएमई) का प्रयोग सभी अवसाद के इलाज को बढ़ावा देने में किया जा सकता
है।

भारतीय सैर सपाटे से अधिक इलाज के लिए करते हैं सफर