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Asthma New Drug: अस्थमा के मरीजों के लिए खुशखबरी! नई दवा पर ट्रायल शुरू, अब इनहेलर से मिलेगा छुटकारा

Asthma New Drug: नई अस्थमा दवा Lunsekimig ने क्लिनिकल ट्रायल में दिखाए अच्छे नतीजे। जानिए कैसे यह दवा इनहेलर पर निर्भरता कम कर सकती है और सांस की बीमारी में राहत दे सकती है।

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भारत

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Dimple Yadav

Apr 08, 2026

Asthma New Drug

Asthma New Drug (Photo- gemini ai)

Asthma New Drug: आज के समय में अस्थमा (Asthma) एक बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम बनता जा रहा है। World Population Review के मुताबिक, दुनिया में करीब 26 करोड़ लोग अस्थमा से जूझ रहे हैं। भारत में इसका आंकड़ा ग्लोबल औसत से थोड़ा कम जरूर है, लेकिन फिर भी यह एक बड़ा पब्लिक हेल्थ बोझ है।

अस्थमा के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है सांस लेने में दिक्कत, बार-बार अटैक और इनहेलर पर निर्भर रहने की। लेकिन अब एक नई दवा Lunsekimig उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है, जिसने क्लिनिकल ट्रायल में अच्छे रिजल्ट दिखाए हैं।

Lunsekimig क्या है और कैसे काम करती है?

Lunsekimig एक नई तरह की दवा है, जो सीधे अस्थमा की जड़ यानी एयरवे इंफ्लेमेशन (सूजन) पर काम करती है। यह दवा TSLP और IL-13 जैसे प्रोटीन को टारगेट करती है, जो टाइप-2 इंफ्लेमेशन के मुख्य कारण होते हैं। आसान भाषा में समझें तो यह दवा फेफड़ों की सूजन को कम करती है, जिससे अस्थमा अटैक का खतरा कम हो सकता है और सांस लेना आसान हो जाता है।

रिसर्च क्या कहती है?

इस दवा पर फेज-2 क्लिनिकल ट्रायल किया गया, जिसमें 1147 अस्थमा मरीज शामिल थे। यह स्टडी 252 इंटरनेशनल साइट्स पर की गई थी, जिससे अलग-अलग देशों के लोगों पर इसका असर देखा जा सके। रिसर्च में पाया गया कि फेफड़ों की कार्यक्षमता (lung function) में सुधार हुआ है। अस्थमा अटैक (flare-ups) कम हुए हैं। शरीर में इंफ्लेमेशन के संकेत (nitric oxide level) कम देखने को मिला है। यह डेटा दिखाता है कि यह दवा भविष्य में अस्थमा मैनेजमेंट को आसान बना सकती है।

इनहेलर से कितना अलग है यह इलाज?

अभी तक अस्थमा के इलाज में इनहेलर सबसे जरूरी होते हैं, लेकिन उनकी कुछ दिक्कतें भी हैं, जैसे सही तरीके से इस्तेमाल न करना, हर समय साथ रखना जरूरी, तुरंत राहत तो मिलती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं। Lunsekimig इनहेलर की जरूरत को कम कर सकती है, क्योंकि यह बीमारी के असली कारण पर काम करती है, न कि सिर्फ लक्षणों पर।

भारत में इसका क्या असर हो सकता है?

भारत में अस्थमा के केस बढ़ने की एक बड़ी वजह है प्रदूषण और गलत इलाज। कई लोग इनहेलर सही तरीके से इस्तेमाल नहीं करते, जिससे बीमारी कंट्रोल में नहीं रहती। अगर यह दवा भविष्य में मंजूर हो जाती है, तो इनहेलर पर निर्भरता कम हो सकती है। मरीजों को बेहतर और लंबे समय का राहत मिल सकता है। इलाज आसान और असरदार हो सकता है।

अभी क्या ध्यान रखना जरूरी है?

हालांकि यह दवा अभी सिर्फ फेज-2 ट्रायल में है। इसे पूरी तरह सुरक्षित और असरदार साबित करने के लिए आगे और टेस्ट (Phase-3) जरूरी हैं। अभी यह आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है। Lunsekimig एक नई और उम्मीद भरी दवा है, जो अस्थमा के इलाज में बड़ा बदलाव ला सकती है। लेकिन जब तक यह पूरी तरह मंजूर नहीं हो जाती, तब तक मरीजों को अपने डॉक्टर की सलाह से ही इलाज जारी रखना चाहिए।