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कोयंबटूर के रहने वाले 45 वर्षीय सुरेश के सीने में दो दिल धड़कते हैं। सुरेश का हार्ट फेल हो चुका था और ट्रांसप्लांट के अलावा इसका कोई उपाय नहीं था, लेकिन कमज़ोर फेफड़ों के कारण हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद सुरेश के शरीर के किसी दूसरे अंग के फेल होने की बहुत ज़्यादा उम्मीद थी।
सुरेश की किस्मत काफी अच्छी थी कि उन्हें एक महिला का दिल मिल गया। डॉक्टरों ने सुरेश के इलाज के लिए हेटेरोटोपिक हार्ट ट्रांसप्लांटेशन नाम की प्रक्रिया अपनाई और उनके दिल से एक महिला का दिल जोड दिया गया।
इस ऑपरेशन की सफलता के बाद सुरेश दो दिल वाले एशिया के पहले इंसान बन गए हैं। कोयंबटूर के कोवई अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया की यह ऑपरेशन बहुत मुश्किल था। सुरेश के दो दिल आपस में 5 जगह से जुड़े हुए है, जिसमें से 2 जगह से साफ़ खून जाता है और बाकी से गंदा खून बाहर जाता है।
डॉक्टर वैज्यनाथ ने बताया कि 'धड़कते हुए दिलों को जोड़ना बहुत मुश्किल था। सुरेश का एक दिल सिर्फ 10 प्रतिशत काम कर रहा है और दूसरा दिल पूरी तरह स्वस्थ है। दूसरा दिल सुरेश का काम कर रहा है। किसी आैर अंग पर भी इससे कोर्इ हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ा है। यह जेनेटिक्स के नजरिए से भी आश्चर्य है क्योंकि अब सुरेश के शरीर में पुरुषों में पाये जाने वाले ङ्गङ्घ क्रोमोसोम्स के साथ महिलाओं में पाए जाने वाले ङ्गङ्ग क्रोमोसोम्स का दिल भी मौजूद है।'
Published on:
07 Jun 2017 11:42 am
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