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Monsoon Health Guide : जल-जनित बीमारियों में वृद्धि के कारण, विशेषकर बच्चों में संक्रमण विकसित होने का खतरा भी बढ़ जाता है। मानसून की शुरुआत न केवल मई और जून की गर्मी से राहत देती है, बल्कि यह विभिन्न संक्रमणों को भी जन्म दे सकती है। हवा में नमी का उच्च स्तर डेंगू, मलेरिया, हैजा, टाइफाइड और डायरिया (dengue, malaria, cholera, typhoid and diarrhoea ) जैसी मच्छर जनित बीमारियों को बढ़ाता है।
जल-जनित इन बीमारियों के बढ़ने के कारण, विशेषकर बच्चों में संक्रमण विकसित होने का खतरा भी बढ़ जाता है। बच्चों को ऐसी बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी है कि आप अपने आसपास साफ-सफाई रखें और कुछ बचाव उपायों पर ध्यान दें।
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यह सुनिश्चित करके कि आस-पास पानी जमा न हो, हम मच्छरों के प्रजनन (Mosquito-borne diseases) को रोक सकते हैं। लेप्टोस्पायरोसिस मानसून के दौरान आम एक और जलजनित जीवाणु रोग है, जिसे रुके हुए पानी को हटाकर रोका जा सकता है। बच्चों को मच्छरों के काटने से बचाने के लिए घर पर मच्छर भगाने वाले पदार्थ और जाल लगाए जाने चाहिए।
उन्हें लंबी बाजू वाली शर्ट, पैंट और मोज़े पहनाने से सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत मिल सकती है।
एक प्रमुख पहलू यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को उचित कपड़े पहनाए जाएं - उन्हें पूरी आस्तीन के कपड़े, मोज़े और जूते पहनने के लिए प्रोत्साहित करने से मच्छरों के संपर्क में आने को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, बच्चों के लिए मच्छर निरोधकों को ले जाना और लगाना महत्वपूर्ण है ताकि मच्छरों के खतरे को कम किया जा सके।
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विशेषज्ञ का सुझाव है कि व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना अत्यावश्यक है। बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए माता-पिता को बच्चों को बार-बार हाथ धोने और बारिश में भीगने के बाद तुरंत स्नान करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने सलाह दी, उन्हें छाता और रेनकोट सहित आवश्यक बारिश से बचाव से लैस करना भी आवश्यक है। लंबे समय तक बारिश के पानी और नमी के संपर्क में रहने से उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो सकती है, जिससे वे बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।
इसके अतिरिक्त सही प्रकार का भोजन करने से संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता को कम करने के लिए प्रतिरक्षा बनाने में मदद मिलती है।
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सुनिश्चित करें कि बच्चे प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए खट्टे फल, पत्तेदार सब्जियां, प्रोबायोटिक्स के साथ दही, मशरूम, जामुन और कम वसा वाले मांस जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
यदि किसी बच्चे को बुखार, सर्दी या खांसी जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो उनके लिए स्कूल जाने के बजाय घर पर रहना महत्वपूर्ण है। इससे न केवल उनकी खुद की रिकवरी में मदद मिलती है बल्कि अन्य छात्रों और शिक्षकों में संक्रमण फैलने से भी बचाव होता है।
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डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
11 Jul 2023 04:17 pm
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