25 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Nail Clubbing: नाखूनों का गोल होना मामूली नहीं, क्लीवलैंड क्लिनिक ने बताया फेफड़ों और दिल की बीमारी का हो सकता है संकेत

Nail Clubbing Cause: क्या आपके नाखून भी आगे से मुड़कर गोल होने लगे हैं? इसे भूलकर भी मामूली न समझें! मेयो क्लिनिक और क्लीवलैंड क्लिनिक से जानें क्या है नेल्स क्लबिंग, इसके मुख्य कारण, लक्षण साथ ही यह किन बीमारियों का संकेत हो सकता है।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Nidhi Yadav

Aug 25, 2026

Nail clubbing causes,Curved fingernails symptoms,Nail clubbing lung cancer,

नाखूनों का गोल होना इन बीमारियों का संकेत हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Shutterstock)

Nail Clubbing Symptoms: हम अक्सर अपने नाखूनों को सिर्फ खूबसूरती या सफाई के नजरिए से ही देखते हैं। जब भी नाखून बढ़ते हैं, हम उन्हें काट लेते हैं या उन पर पॉलिश लगा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके नाखूनों का आकार और बनावट आपके शरीर के अंदर की सेहत के बारे में बहुत कुछ बयां करती है? अगर आपके नाखूनों का कुदरती आकार बदलने लगा है, वे आगे से मुड़कर गोल होने लगे हैं और उंगलियों के पोर (टिप्स) सूजकर तोते की चोंच या ढोलक की डंडी जैसे दिखने लगे हैं, तो इसे भूलकर भी मामूली समझकर नजरअंदाज न करें। इसे नेल क्लबिंग (Nail Clubbing) कहते हैं। क्लीवलैंड क्लिनिक का मानना है कि नाखूनों में आने वाला यह बदलाव फेफड़ों, दिल और पेट से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती इशारा हो सकता है। आइए समझते हैं कि नेल्स क्लबिंग क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और यह किन बीमारियों का संकेत हो सकता है।

क्या होता है नेल्स क्लबिंग?

नेल्स क्लबिंग का मतलब है नाखूनों का असामान्य रूप से गोल, चौड़ा और उभरा हुआ हो जाना। सामान्य तौर पर हमारे नाखून और उंगली की त्वचा के बीच एक हल्का सा ढलान या गैप होता है। लेकिन जब किसी व्यक्ति को नेल्स क्लबिंग की समस्या होती है, तो;

  • नाखून की जड़ के पास की त्वचा (Cuticle) नरम हो जाती है।
  • नाखून का प्राकृतिक ढलान खत्म हो जाता है।
  • उंगलियों के ऊपरी सिरे (पोर) सूजकर बड़े और गोल हो जाते हैं।
  • डायमंड गैप (Schamroth's window) गायब हो जाता है।

नाखून गोल क्यों होने लगते हैं?

हमारे शरीर में जब किसी अंदरूनी बीमारी की वजह से खून में ऑक्सीजन का स्तर लंबे समय तक कम रहने लगता है, तो शरीर उंगलियों के पोरों तक ज्यादा खून भेजने की कोशिश करता है। इस प्रक्रिया में उंगलियों के सिरों की कोशिकाएं और ऊतक (Tissues) असामान्य रूप से बढ़ने और सूजने लगते हैं। इसी सूजन की वजह से नाखून ऊपर की ओर उठ जाते हैं और गोल आकार लेने लगते हैं।

यह किन गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है?

क्लीवलैंड क्लिनिक और मेयो क्लिनिक के अनुसार, नाखूनों का गोल होना अकेले कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर के अंदर पल रही किसी दूसरी बड़ी बीमारी का लक्षण है। यह मुख्य रूप से इन समस्याओं से जुड़ा हो सकता है;

1. फेफड़ों (लंग्स) की बीमारियां

लगभग 80 से 90 प्रतिशत मामलों में नेल्स क्लबिंग का संबंध फेफड़ों की समस्याओं से होता है, यह लंग कैंसर का एक बहुत ही आम शुरुआती लक्षण माना जाता है। फेफड़ों में पुराना संक्रमण होना या फेफड़ों का टीबी (TB)। इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस (IPF) जिसमें फेफड़ों के टिशू सख्त और खराब होने लगते हैं, जिससे शरीर को पूरी ऑक्सीजन नहीं मिल पाती।

2. दिल (हार्ट) से जुड़ी बीमारियां

कुछ बच्चों या वयस्कों के दिल में जन्म से ही खराबी होती है, जिससे खून में ऑक्सीजन सही से नहीं घुल पाती। इन्फेक्टिव एंडोकार्डाइटिस या वाल्व में बैक्टीरिया का संक्रमण होना।

3. पेट और पाचन तंत्र की समस्याएं

पेट और आंतों में लंबे समय तक सूजन या घाव होना, जैसे क्रोहन बीमारी (Crohn's disease) या अल्सरेटिव कोलाइटिस। लिवर सिरोसिस या लिवर का खराब होना।

नेल्स क्लबिंग की पहचान कैसे करें?

अपने दोनों हाथों की पहली उंगली (तर्जनी) के नाखूनों के ऊपरी हिस्से को आपस में एक-दूसरे से सटाएं। सामान्य स्थिति में दोनों नाखूनों के बीच में एक छोटा सा हीरे (Diamond Shape) के आकार का खाली स्थान या रोशनी दिखती है। अगर आपके नाखूनों के बीच वह खाली जगह या रोशनी नहीं दिख रही है और नाखून पूरी तरह आपस में चिपक रहे हैं, तो यह नेल्स क्लबिंग की शुरुआत हो सकती है।

डॉक्टर के पास कब जाना जरूरी है?

अगर आपको लगता है कि आपके या आपके किसी रिश्तेदार के नाखूनों का आकार धीरे-धीरे बदल रहा है, वे गोल हो रहे हैं, और साथ ही नीचे दिए गए लक्षण भी महसूस हो रहे हैं;

  • सांस लेने में तकलीफ या बिना वजह सांस फूलना।
  • पुरानी और लगातार रहने वाली खांसी।
  • छाती में दर्द या भारीपन महसूस होना।
  • हर समय बहुत ज्यादा थकान और कमजोरी रहना।
  • वजन का अचानक तेजी से घटने लगना।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

बड़ी खबरें

View All

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल