19 अगस्त 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Leukonychia: नाखूनों पर दिख रहे हैं सफेद धब्बे? सिर्फ कैल्शियम की कमी नहीं ल्यूकोनीकिया का संकेत हो सकता है, हेल्थलाइन से जानें कारण और लक्षण

Leukonychia : नाखूनों पर दिख रहे सफेद धब्बों को सिर्फ कैल्शियम की कमी समझने की भूल न करें। हेल्थलाइन और डर्मनेट (DermNet) से जानें ल्यूकोनीकिया क्या है, इसके असली कारण, लक्षण और डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Nidhi Yadav

Aug 19, 2026

White Spots on Nails Causes,Leukonychia Symptoms and Treatment,Zinc Deficiency Nail Signs,

नाखूनों पर सफेद धब्बे किस कारण से दिखते हैं- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Gemini)

Leukonychia Symptoms: अक्सर जब हम अपने या किसी और के नाखूनों पर छोटे-छोटे सफेद धब्बे या लाइनें देखते हैं, तो सबसे पहला ख्याल यही आता है कि शायद शरीर में कैल्शियम की कमी हो गई है। बचपन से ही हमें यही बताया जाता रहा है कि दूध कम पीने या कैल्शियम न मिलने से नाखूनों पर ये निशान बन जाते हैं। लेकिन डर्मनेट (DermNet) के मुताबिक, नाखूनों पर दिखने वाले इन सफेद धब्बों को डॉक्टरी भाषा में Leukonychia (ल्यूकोनीकिया) कहा जाता है। आइए समझते हैं कि ये सफेद निशान आखिर क्यों बनते हैं और इनके पीछे की असली वजहें क्या हो सकती हैं।

क्या होता है Leukonychia (ल्यूकोनीकिया)?

Leukonychia कोई जानलेवा बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें हाथों या पैरों के नाखूनों पर सफेद रंग की बिंदियां, धब्बे या पट्टियां (लाइन्स) दिखाई देने लगती हैं। यह किसी भी उम्र के इंसान को हो सकता है। कुछ लोगों के नाखून पर सिर्फ एक छोटा सा बिंदु दिखता है, तो कुछ लोगों के पूरे नाखून का रंग ही सफेद दिखने लगता है। ज्यादातर मामलों में यह समस्या बिल्कुल नुकसानदेह नहीं होती और जैसे-जैसे नाखून बढ़ता है, यह निशान अपने आप कटकर बाहर निकल जाता है। लेकिन कई बार यह शरीर के अंदर चल रही किसी दूसरी परेशानी का भी इशारा हो सकता है।

ल्यूकोनीकिया कितने तरह का होता है?

नाखूनों पर दिखने वाले ये सफेद निशान मुख्य रूप से 3-4 तरह के होते हैं;

  • पॉइंट वाले धब्बे (Leukonychia Punctata)।
  • धारियां या लाइन्स (Leukonychia Striata)।
  • आंशिक सफेदी (Partial Leukonychia)।
  • पूरा नाखून सफेद होना (Total Leukonychia)।

नाखूनों पर सफेद धब्बे बनने के असली कारण

हेल्थलाइन के अनुसार, यह कैल्शियम की कमी से नहीं होता, तो इसके पीछे ये मुख्य वजहें होती हैं:

1. नाखून में मामूली चोट लगना (Injury)

यह ल्यूकोनीकिया का सबसे बड़ा और आम कारण है। जब आपके नाखून के निचले हिस्से (जहां से नाखून उगता है, जिसे Matrix कहते हैं) पर कोई हल्की सी चोट लग जाती है जैसे दरवाजा में उंगली दब जाना, किसी सख्त चीज से टकरा जाना या टेबल पर बार-बार उंगली मारना।
मजेदार बात यह है कि जब चोट लगती है, तब निशान तुरंत नहीं दिखता। नाखून को बढ़ने में समय लगता है, इसलिए चोट लगने के 3-4 हफ्ते बाद वह सफेद धब्बा ऊपर उभरकर आता है, तब तक हम चोट के बारे में भूल भी चुके होते हैं।

2. नेल आर्ट और ब्यूटी प्रोडक्ट्स से एलर्जी

अगर आप बहुत ज्यादा नेल पॉलिश, नेल पॉलिश रिमूवर या नकली नाखून (Acrylic Nails) का इस्तेमाल करती हैं, तो उसमें मौजूद केमिकल्स से आपके नाखूनों को एलर्जी हो सकती है। इसके अलावा ब्यूटी पार्लर में मैनीक्योर करवाते समय नाखून के आसपास बहुत ज्यादा दबाव डालने से भी ये निशान बन जाते हैं।

3 फंगल इन्फेक्शन (Fungal Infection)

नाखूनों में फंगस लगने (Onychomycosis) की शुरुआत भी अक्सर छोटे-छोटे सफेद धब्बों से होती है। धीरे-धीरे यह इन्फेक्शन पूरे नाखून में फैल जाता है, जिससे नाखून मोटा, खुरदरा और पीला-सफेद होने लगता है।

4. जरूरी पोषक तत्वों की कमी (Nutritional Deficiency)

हां, यह सच है कि पोषण की कमी से भी ऐसा होता है, लेकिन कैल्शियम से ज्यादा यह जिंक (Zinc) और आयरन (Iron) की कमी की वजह से होता है। शरीर में जिंक की कमी होने पर नाखूनों का सही विकास नहीं हो पाता और उन पर सफेद निशान बनने लगते हैं।

5. दवाइयों का असर या बीमारियां

कभी-कभी कुछ खास बीमारियों के इलाज में ली जाने वाली दवाइयों (जैसे केमोथेरेपी या एंटीबायोटिक्स) की वजह से भी नाखूनों पर सफेद लाइनें बन जाती हैं। इसके अलावा लिवर की बीमारी, किडनी की समस्या, या थाइरॉइड होने पर भी नाखूनों के रंग में बदलाव आता है।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

ज्यादातर मामलों में नाखूनों के ये धब्बे अपने आप ठीक हो जाते हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर;

  • आपके सारे के सारे नाखूनों का रंग एक साथ सफेद पड़ने लगे।
  • सफेद धब्बों के साथ नाखून बहुत कमजोर होकर टूटने लगें।
  • नाखून के आसपास दर्द, सूजन या पस (मवाद) बनने लगे।
  • नाखून रंग बदलने के साथ-साथ बहुत मोटा या अजीब आकार का होने लगे।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।