
NEWS RESEARCH- हॉट बाथ से बीपी और शुगर भी नियंत्रित रहेगा
हल्की ठंडक शुरू हो चुकी है। कुछ लोग गर्म पानी से भी नहाने लगे हैं। यूरोपियन एसोसिएशन फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज एंड हार्ट डिजीजेज’ के अनुसार ‘हॉट बाथ’ से न केवल बीपी, बल्कि ब्रेन स्ट्रोक और शुगर का भी जोखिम कम होता है।
ऐसे क्यों: गुनगुने पानी से नहाने पर शरीर में खून की धमनियां खुल जाती हैं। इसे वैसोडिलेशन कहते हैं। इससे खून का बहाव तेज हो जाता है। हृदय पर इसका ज्यादा दबाव नहीं पड़ता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
व्यायाम जितना फायदेमंद
गुनगुने पानी से नहाना हृदय के लिए व्यायाम जितना फायदेमंद होता है। ‘हॉट बाथ’ से दिल 150 बीट प्रति मिनट की दर से धडकऩे लगता है। आमतौर पर मध्यमगति की एक्सरसाइज में ऐसा होता है। इससे हृदय की कोशिकाएं मजबूत होती है। हर व्यक्ति को सप्ताह में 3-4 बार गुनगुने पानी से 15-15 मिनट तक नहाना चाहिए।
तेज गर्म पानी से नहाने के नुकसान
त्वचा रुखी व सेल्स डेमेज होने लगते हैं। बालों में खुश्की, आखों में जलन, ड्रायनेस, नाखून और बाल टूटने लगते व खुजली होती है।
Published on:
15 Oct 2020 01:56 pm
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