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Covid 19: पीठ-कमर में दर्द और अचानक से बढ़ रहा है शुगर लेवल

कोरोना के तीन नए लक्षणों की पुष्टि हाल ही अमरीकी संस्था सीडीसी की ओर से की गई है। उल्टी आने जैसा मन करना, नाक बहना और दस्त होना शामिल है।

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Covid 19: पीठ-कमर में दर्द और अचानक से बढ़ रहा है शुगर लेवल

Covid 19: पीठ-कमर में दर्द और अचानक से बढ़ रहा है शुगर लेवल

कोरोना के तीन नए लक्षणों की पुष्टि हाल ही अमरीकी संस्था सीडीसी की ओर से की गई है। उल्टी आने जैसा मन करना, नाक बहना और दस्त होना शामिल है। लेकिन इनके साथ मरीज को बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ और गले में खराश है तो ही कोविड माना जाएगा। केवल एक ही लक्षण कोविड के नहीं है। दूसरी तरफ मुंबई के कई मरीजों में पीठ व रीढ़ की हड्डी, कमर और पिंडलियों में दर्द के लक्षण दिखे हैं। डायबिटीज ग्रसित कोविड के मरीजों में अचानक से शुगर लेवल बढऩा भी देखा गया है।
मुं बई में करीब 200 मरीजों में देखा गया है कि उनका शुगर नियंत्रित था और कोविड के बाद अचानक शुगर लेवल 400 तक पहुंच गया। इंसुलिन देेने के बाद भी शुगर लेवल मुश्किल से नियंत्रित हो रहा है। इसके साथ ही मरीज में दूसरी समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
पेट के बल लेटने से राहत
कोरोना रोगियोंं को पेट के बल लेटने की सलाह दी जा रही है। संक्रमण के बाद मरीजों में ऑक्सीजन की कमी हो रही है। इसलिए मरीज को पेट के बल (प्रोन पोजिशन) में लिटाया जा रहा है ताकि फेफड़ों में जमा तरल हटने से सांस लेने में आसानी हो। डब्ल्यूएचओ के अनुसार 16-18 ïघंटे तक पेट के बल लेटने से मरीजों को राहत मिलती है।
मरीज से परिजन करते रहें बात

को विड के मरीजों में मानसिक सपोर्ट बहुत जरूरी है। कोविड के कारण उनमें डिप्रेशन तक देखा जा रहा है। ऐसे में मरीजों के परिजनों-रिश्तेदारों व दोस्तों को चाहिए कि वे मरीज से मोबाइल के माध्यम से नियमित संपर्क बनाए रखें। उनका हौसला बढ़ाएं। इससे डिप्रेशन व कोविड दोनों में आराम मिलता है।
पेन किलर से बढ़ती समस्या
कोविड के मरीज शरीर या कोई अंगों में दर्द है तो पेन किलर खाने की गलती न करें। इससे किडनी पर सीधे असर होता है। मरीज की स्थिति और गंभीर हो जाती है। दूसरे अंगों को भी नुकसान होता है।
नई दवाइयों से भी लाभ
टेबलेट के साथ दो तरह के इंजेक्शन (एमडब्ल्यूएच और टोसिलीजुमाब, रेमडेसिविर) भी कारगर है। इससे मरीजों को लाभ मिल रहा है। प्लाज्मा थैरेपी भी अब कई हॉस्पिटल्स में दी जा रही है।
डॉ. जलील डी. पारकर, सीनियर चेस्ट स्पेशलिस्ट, लीलावती हॉस्पिटल, मुंबई AND डॉ. सुनील महावर, सीनियर फिजिशियन, सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर