
जीरो साइज नहीं, हैल्दी होना जरूरी
महिलाओं में दो तरह की दिक्कत देखने को मिलती है। एक वर्ग को पौष्टिक आहार नहीं मिलता, जिससे उनमें वजन कम होना, खून की कमी, फोलिक एसिड व विटामिन बी 12 की कमी हो रही है। दूसरा वर्ग ऐसा है जिन्हें अधिक खाने से उनमें मोटापा बढ़ रहा है। यह परेशानी केवल शहर या गांवों की नहीं है। जीरो साइज की न सोचें, हैल्दी होना जरूरी है।
माहवारी व पेट के कीड़ों से आयरन की कमी
माहवारी के दौरान ब्लीडिंग और पेट में कीड़े होने से महिलाओं में हीमोग्लोबिन की कमी अधिक होती है। हरी पत्तिदार सब्जियां, मौसमी फल, दालें, दूध के पदार्थ और दूसरे पोषक तत्व लें। फोलिक एसिड और विटामिन बी 12 वाली चीजें खाएं।
हर उम्र में पोषकता देें
महिलाओं की अधिकतर देखभाल प्रेग्नेंसी में होती है जो ठीक नहीं है। उन्हें बचपन से ही हैल्दी डाइट की जरूरत होती है। मां स्वस्थ बच्चे को जन्म दे इसके लिए कई वर्ष पहले से ही अच्छी डाइट दें। शहरों में अधिकतर महिलाएं कामकाजी हैं। अक्सर वे बाहर से खाना ऑर्डर कर देती हैं। ऐसा न करें। सप्ताह में एक समय से ज्यादा बाहर का न खाएं। बाहर की जगह कुछ भी घर में बनाएं।
40 से पहले और बाद...
40 वर्ष से पहले शरीर मजबूत रहता है। इसमें ताकत बढ़ाने वाले हैवी एक्सरसाइज, कॉर्डियो और हल्का योग व स्ट्रेंथनिंग करें। शरीर की क्षमता अनुसार हाई नी रन, ओवर हेड वॉकिंग लेंजेज, स्टार जंप और पुशअप कर सकती हैं। ध्यान रखें कि शरीर में पानी की कमी न हो। 40 से ऊपर की महिलाओं में मेनोपॉज से हार्मोनल और पोस्ट प्रेग्नेंसी शरीर में कई बदलाव होते हैं। जकडऩ व हड्डियां कमजोर होती हैं। इस उम्र में स्टें्रथनिंग, मोबोलिटी व्यायाम-योग करें। चेस्ट प्रेस, लेगपुल डाउन, बोंट ओवर रो, डंबल स्क्वॉट आदि करें। व्यायाम क्षमता अनुसार करें। शिटअप से बचें। लो बैक पेन हो सकता है। खूब वॉक करें। व्यायाम से पहले अपने डॉक्टर से मिलकर शरीर में कैल्शियम और विटामिन की जांच करवा लें।
Published on:
20 Sept 2020 12:15 pm
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