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गर्भवती को जीका वायरस है तो बच्चे को हो सकती है इस अंग की बीमारी

जीका से बचाव के लिए अमरीकी की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ टीका वैक्सीनेशन की खोज में भी लगा है जो अभी दूसरे और तीसरे चरण में है।

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गर्भवती को जीका वायरस है तो बच्चे को हो सकती है इस अंग की बीमारी

राजस्थान की राजधानी जयपुर में जीका वायरस के फैलने के बाद पूरे देश में दहशत का माहौल है। अमरीका के सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के रिसचर्स के अनुसार जीका वायरस का असर उन बच्चों पर तब दिखता है जब उनका जन्म हो जाता है। शोध के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान जीका वायरस से संक्रमित महिला जब बच्चे को जन्म देती है तो सात में से एक बच्चे को ही स्वास्थ्य संबंधी समस्या होती है। अमरीकी शोध संस्था सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के कंजेनाइटल एंड डेवलपमेंट डिसऑर्डर विभाग की निदेशक पेगी होनेन का कहना है कि शोध में उन बच्चों को शामिल किया गया था जो जन्म लेने के बाद इस वायरस की चपेट में आए।

जब रिसचर्स ने वायरस पर दिया ध्यान

2016 की सर्दियों में जिका वायरस जब ब्राजील में फैला तो पूरी दुनिया की नींद टूटी। इसके बाद लोग मच्छर जनित इस बीमारी से बचाव में लग गए पर समय के साथ इसका फैलाव बढ़ता चला गया। इसके बाद अमरीकी रिसचर्स ने इसपर काम शुरू किया। अमरीका में जीका वायरस से पीडि़त महिलाओं का आंकड़ा जुटाना शुरू किया। इसके तहत 7300 गर्भवती महिलाओं का नियमित फॉलोअप किया गया। इसमें पाया गया कि 4800 गर्भवती महिलाएं और 1450 नवजात बच्चों को अधिक देखभाल की जरूरत थी। बच्चे की देखभाल अगले एक साल तक अहम होती है। शोध में पाया गया कि जो बच्चे जीका वायरस की चपेट में आए उनमें जन्मजात मस्तिष्क के विकास संबंधी समस्याएं हुईं।

छह फीसदी बच्चों को आंख संबंधी समस्या

जीका वायरस की चपेट में आने के बाद छह फीसदी बच्चों में जन्मजात आंख संबंधी समस्या पाई गई। देखा गया कि अमरीका के कुछ क्षेत्रों में जहां नवजातों के जन्म के समय आंख संबंधी समस्या 0.16 फीसदी थी वो बढकऱ छह फीसदी तक पहुंच गई। इसी तरह नौ फीसदी बच्चों में सिर और दिमाग संबंधी समस्या मिली जिसमें उन्हें सुनने में तकलीफ, झटके आना और शरीर में सूजन संबंधी समस्या देखने को मिलती है।

शोध करने वाले वैज्ञानिकों की जरूरी सलाह

जीका पर रिसर्च करने वाली अमरीकी शोध संस्था सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के वैज्ञानिकों ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि जिस क्षेत्र में जीका वायरस फैला है वहां पर रहने वाले लोगों को मच्छरों से बचाव करना होगा। जैसे दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें। दरवाजे और खिड़कियों में जाली है तो कांच की स्क्रीन लगाएं। सोते वक्त मच्छरदानी लगाएं। पुरुष वायरस फैलने के अगले तीन महीने तक शारीरिक संबंध बनाने से बचें इससे इस वायरस के फैलने से रोका जा सकता है। जीका से बचाव के लिए अमरीकी की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ टीका वैक्सीनेशन की खोज में भी लगा है जो अभी दूसरे और तीसरे चरण में है।